2025: पाकिस्तान में पिछले एक दशक का सबसे हिंसक वर्ष
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पार्स टुडे – वर्ष 2025 में पाकिस्तान ने पिछले एक दशक का सबसे हिंसक वर्ष अनुभव किया और इस दौरान आतंकवादी हमलों में 34% की वृद्धि हुई जिससे हजारों लोगों की जान गई।
(last modified 2026-01-03T10:07:05+00:00 )
Jan ०३, २०२६ १५:३४ Asia/Kolkata
  • 2025: पाकिस्तान में पिछले एक दशक का सबसे हिंसक वर्ष

पार्स टुडे – वर्ष 2025 में पाकिस्तान ने पिछले एक दशक का सबसे हिंसक वर्ष अनुभव किया और इस दौरान आतंकवादी हमलों में 34% की वृद्धि हुई जिससे हजारों लोगों की जान गई।

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार इस्लामाबाद सरकार द्वारा अफ़ग़ानिस्तान के साथ अपनी सीमाएं बंद करने के निर्णय के बावजूद 2025 को पाकिस्तान में पिछले दस वर्षों का सबसे हिंसक वर्ष दर्ज किया गया जिसमें आतंकवाद से संबंधित हिंसा में 34% की वृद्धि हुई।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान नए साल के पहले दिन का अनुभव करते हुए, 2025 के अंतिम तीन महीनों में अफ़ग़ानिस्तान के साथ बढ़ते सीमा तनाव के कारण अपने साझा सीमाओं को बंद कर दिया था। अक्टूबर मध्य से 2 जनवरी 2026 तक दोनों देशों के बीच सभी नागरिक आवाज़ाही, द्विपक्षीय व्यापार और पारगमन निलंबित रहा।

 

इसी बीच इस्लामाबाद के सुरक्षा अनुसंधान और अध्ययन केंद्र (CRSS) ने 2025 के अपने रिपोर्ट में लिखा कि यह दशक में पाकिस्तान के लिए आतंकवाद और उससे होने वाली हताहतियों के मामले में सबसे घातक वर्ष रहा। रिपोर्ट में कहा गया कि आतंकवाद और सीमापार हिंसा के कारण मौतों में 34% की वृद्धि हुई।

 

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि 11 अक्टूबर 2025 को पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के साथ अपनी सीमाएं बंद करने के बाद सीमापार आतंकवादी हमलों और इससे होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की।

 

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंतिम महीने में आतंकवादी हमलों में लगभग 17% की कमी हुई, जबकि नवंबर में यह कमी 9% रही। सुरक्षा अनुसंधान और अध्ययन केंद्र द्वारा संकलित डेटा दर्शाता है कि 2025 की अंतिम तिमाही में नागरिकों और सुरक्षा बलों की हताहतियों में क्रमशः नवंबर और दिसंबर में लगभग 4% और 19% की कमी हुई।

 

हालांकि कुल मिलाकर आतंकवादी हिंसा में लगभग 34% की वृद्धि ने 2025 को पाकिस्तान में पिछले एक दशक का सबसे हिंसक वर्ष बना दिया। 2021 से यह देश लगातार पांच वर्षों तक हिंसा की वृद्धि का सामना कर रहा है, जो अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के साथ मेल खाती है।

 

2024 और 2025 की तुलनात्मक डेटा से पता चलता है कि पाकिस्तान में आतंकवाद से संबंधित हिंसा और विरोध-आतंकवाद अभियान दोनों में तीव्र वृद्धि हुई। 2024 में कुल हताहतों की संख्या 2,555 थी जो 2025 में बढ़कर 3,417 हो गई, यानी पिछले वर्ष की तुलना में 862 मौतें अधिक हुईं, लगभग 34% की वृद्धि। mm