सीएनएन सर्वेक्षण: अमेरिकी जनता ट्रंप की नीतियों से थक चुकी है
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पार्स टुडे- सीएनएन ने डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के एक साल पूरे होने के अवसर पर विभिन्न सर्वेक्षणों का विश्लेषण किया और अमेरिकी जनता के दृष्टिकोण के आधार पर सरकार के क्रियाकलापों का मूल्यांकन किया।
(last modified 2026-01-25T04:30:49+00:00 )
Jan २२, २०२६ १४:५४ Asia/Kolkata
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

पार्स टुडे- सीएनएन ने डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के एक साल पूरे होने के अवसर पर विभिन्न सर्वेक्षणों का विश्लेषण किया और अमेरिकी जनता के दृष्टिकोण के आधार पर सरकार के क्रियाकलापों का मूल्यांकन किया।

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार नवीनतम सर्वेक्षण दर्शाते हैं कि अमेरिकी जनता का एक बड़ा हिस्सा न केवल ट्रंप की आंतरिक और विदेशी नीतियों से असंतुष्ट है बल्कि उनका मानना है कि राष्ट्रपति कई मामलों में सीमा से आगे बढ़ चुके हैं। ये आंकड़े व्हाइट हाउस की वर्तमान स्थिति और अमेरिकी राजनीतिक परिदृश्य के बारे में कुछ प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत करते हैं।

 

ट्रंप ने जनता की संतुष्टि पाने के लिए उन विषयों को चुना जो न केवल विवादास्पद हैं बल्कि बेहद ध्रुवीकरण पैदा करते हैं। इसका प्रमुख उदाहरण अमेरिका के ग्रीनलैंड पर नियंत्रण का विचार है जिससे 75% अमेरिकी असहमत रहे। यह विरोध केवल डेमोक्रेट नहीं बल्कि रिपब्लिकन में भी 47% और स्वतंत्र मतदाताओं में 82% रहा।

 

साथ ही अमेरिका के इमीग्रेशन और कस्टम्स विभाग (ICE) का प्रदर्शन भी ट्रंप सरकार की कमजोरी बन गया। मिनियापोलिस में एक अमेरिकी महिला की इस विभाग के अधिकारी द्वारा हत्या के बाद, 56% उत्तरदाताओं ने माना कि बल का उपयोग अनुचित था और 51% ने इसे ICE की संरचनात्मक समस्याओं के संकेत के रूप में देखा। अधिकांश ने कहा कि इस विभाग की कार्रवाइयों ने शहरों की सुरक्षा बढ़ाने के बजाय उन्हें असुरक्षित किया।

 

सीएनएन के अनुसार अगर अमेरिकी जनता के दृष्टिकोण को एक शब्द में व्यक्त किया जाए तो वह है अतिरेक। अधिकांश अमेरिकी मानते हैं कि ट्रंप ने विभिन्न क्षेत्रों में हद पार की है जैसे:

 

58%: राष्ट्रपति शक्तियों के उपयोग में

 

59%: अन्य देशों पर दबाव डालने में

 

55%: उद्देश्यों के लिए सेना के इस्तेमाल में

 

57%: संघीय कार्यक्रमों में कटौती में

 

62%: स्मिथसोनियन और केनेडी सेंटर जैसे सांस्कृतिक संस्थानों में हस्तक्षेप में

 

ये आंकड़े ट्रंप के पहले कार्यकाल की याद दिलाते हैं जब कई मतदाताओं ने लगातार विवाद और संकट से थकान के कारण अपनी असंतोष प्रकट किया था। अब वही राजनीतिक थकान फिर से दिख रही है।

 

विदेश नीति में भी ट्रंप के क़दम ग्रीनलैंड योजना सैन्य धमकियां और पश्चिमी गोलार्ध में व्यापक प्रभाव की कोशिशें न केवल लोकप्रिय नहीं हैं बल्कि जनता के नजरिए में प्रभावी भी नहीं हैं। सीएनएन के सर्वेक्षणों के अनुसार 58% अमेरिकी मानते हैं कि ट्रंप वैश्विक स्तर पर प्रभावी नेता नहीं हैं। पिछले दो वर्षों की तुलना में यह नकारात्मक धारणा बढ़ी है। इसके अलावा 57% का कहना है कि ट्रंप की नीतियों ने अमेरिका की विश्व में स्थिति को कमजोर किया।

 

सारांश सीएनएन के सर्वेक्षणों से ऐसा चित्र उभरता है कि ट्रंप सत्ता में लौटने के बावजूद जनता का विश्वास वापस नहीं जीत पाए। विवादास्पद मुद्दों पर ध्यान, शक्ति का अतिरिक्त प्रयोग, विदेश नीति और अधूरे मामले ट्रंप की दूसरी कार्यकाल के पहले साल को शक्ति की पुष्टि की बजाय व्हाइट हाउस और अमेरिकी जनता के बीच बढ़ते विभाजन का प्रतीक बना देते हैं। mm