ईरान और अमेरिका के समझौते पर क्षेत्रीय और वैश्विक प्रतिक्रियाएँ
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पार्स टुडे – ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की घोषणा और युद्धविराम स्थापित होने के बाद दक्षिणी लेबनान के लोग सड़कों पर उतरकर जश्न और खुशी मना रहे हैं।
(last modified 2026-06-15T10:21:22+00:00 )
Jun १५, २०२६ १५:४८ Asia/Kolkata
  • ईरान-अमेरिका समझौते पर लेबनानी लोगों की खुशी
    ईरान-अमेरिका समझौते पर लेबनानी लोगों की खुशी

पार्स टुडे – ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की घोषणा और युद्धविराम स्थापित होने के बाद दक्षिणी लेबनान के लोग सड़कों पर उतरकर जश्न और खुशी मना रहे हैं।

पार्स टुडे के अनुसार लेबनानी मीडिया ने इन जश्नों की तस्वीरें प्रकाशित करते हुए रिपोर्ट दी कि युद्धविराम एक ऐसे समझौते के बाद हासिल हुआ है जो इस्लामिक गणराज्य ईरान द्वारा अमेरिकी पक्ष पर थोपी गई शर्तों के साथ प्राप्त हुआ है और इसने लेबनान में संघर्ष को समाप्त कर दिया है।

 

साथ ही यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हिज़ाम अल-असद ने इस समझौते को इस्लामिक गणराज्य ईरान और प्रतिरोध अक्ष की जीत का संकेत बताया और जोर देकर कहा कि दुनिया के स्वतंत्र राष्ट्रों ने महसूस कर लिया है कि अमेरिका एक अपराजेय शक्ति नहीं है।

 

यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य अली अल-कहूम ने भी इस समझौते को ईरान की जीत और अमेरिका की हार का संकेत बताया और जोर देकर कहा कि तथाकथित 'न्यू मिडिल ईस्ट' की ज़ायोनी परियोजना विफल हो गई है।

 

इराक के सुन्नी विद्वानों की परिषद के प्रमुख शेख खालिद अल-मुल्ला ने भी इस समझौते को प्रतिरोध और दृढ़ता का परिणाम बताया।

 

कतर के विदेश मंत्रालय ने भी तेहरान और वाशिंगटन के बीच समझौते का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र में शांति और आर्थिक विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और पाकिस्तान सहित मध्यस्थ देशों के प्रयासों की सराहना की।

 

इसके अलावा तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान और जापान के प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच समझौते का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि यह समझौता युद्ध की समाप्ति और क्षेत्र में शांति स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान देगा।

 

साथ ही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और अमेरिका के बीच समझौते का स्वागत किया।

 

इसके अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने एक संयुक्त बयान में इस समझौते का समर्थन करते हुए अमेरिका, ईरान और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ सहयोग तथा लेबनान में स्थिरता, संप्रभुता और स्थायी युद्धविराम बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

 

इस बीच कुछ ज़ायोनियों ने इस समझौते को ईरान के लिए एक उपलब्धि बताते हुए कहा कि ईरानियों ने ट्रंप को घुटनों पर ला दिया। mm