दुनिया का भविष्य क्या होगा?
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विश्व आर्थिक मंच
पार्स टुडे – विश्व आर्थिक मंच का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक वैश्विक अर्थव्यवस्था 92 मिलियन नौकरियाँ खो देगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में अधिकांश नौकरी के पदों के लिए ऐसे कौशल की आवश्यकता होगी जो इंजीनियरिंग, डेटा विश्लेषण और प्राकृतिक विज्ञान को जोड़ते हैं। पार्स टुडे के अनुसार विश्व आर्थिक मंच का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक वैश्विक अर्थव्यवस्था 92 मिलियन नौकरियाँ खो देगी जबकि साथ ही 170 मिलियन नए रोज़गार के अवसर पैदा होंगे। इस मंच के अनुसार वर्ष 2030 तक 39 प्रतिशत प्रमुख कौशल अप्रचलित हो जाएँगे।
विश्व आर्थिक मंच की रिपोर्ट के आँकड़ों के आधार पर वे पाँच क्षेत्र जिनमें वर्ष 2030 तक सबसे बड़ी नौकरी वृद्धि होने की अपेक्षा है, इस प्रकार हैं:
प्रौद्योगिकी और डिजिटल परिवर्तन – 35 मिलियन;
हरित ऊर्जा – 28 मिलियन; mm