मध्य पूर्व से नहीं हटेंगे, अमरीका का आग्रह
अमरीका के विदेश सचिव एंटनी ब्लिंकेन ने बुधवार की रात इस्राईल में एक सम्मेलन में बल दिया कि अमरीका मध्य पूर्व में यथावत बना रहेगा।
अमरीकी विदेश सचिव ने दर अस्ल यह बयान उन विचारों पर प्रतिक्रिया के रूप में दिया है जिनमें यह कहा जा रहा था कि मध्य पूर्व में अमरीका की भूमिका धूमिल हो गयी है। यह विचार भी सन 2012 में ओबामा की तरफ से अमरीका की नयी सैन्य रणनीति की घोषणा के बाद पैदा हुआ क्योंकि उसमें एशिया प्रशांत महासागर के अत्याधिक अहम इलाक़े पर ध्यान दिये जाने की बात की गयी थी और एशिया प्रशांत महासागर के क्षेत्र में अमरीका के साठ प्रतिशत युद्धपोतों की तैनाती से भी इस विचार की पुष्टि होती है किंतु बहुत से कारण हैं जिनकी वजह से अमरीका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखना चाहते हैं। इन बहुत से कारणों में से एक निश्चित कारण इस्राईल के साथ अमरीका का सहयोग है क्योंकि बाराक ओबामा सहित लगभग सभी अमरीकी नेता, इस्राईल की रक्षा से अपनी कटिबद्धता की घोषणा कर चुके हैं और ओबामा तो अगले दस वर्षों में इस्राईल के लिए चालीस अरब डॅालर की सैनिक सहायता भी विशेष करने का इरादा रखते हैं। इसके अतिरिक्त अमरीकी मध्य पूर्व में अपनी उपज तकफीरी आतंकवादियों की नियंत्रण से बाहर गतिविधियों की ओर से भी चिंतित हैं । इसके अलावा जैसा कि अमरीका के विदेश सचिव ने भी खुल कर कहा, अमरीका मध्य पूर्व में अपनी उपस्थिति को सैन्य उपस्थिति के दायरे से निकाल कर अधिक व्यापक करना चाहता है और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र पर कई आयामों से अपना वर्चस्व जमाने की योजना रखता है। (Q.A.)