चीन ने तिब्बत के विषय पर अमरीका को चेतावनी दी
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27 जनवरी 2016 को बीजिंग में अमरीकी विदेश मंत्री केरी(बाएं) चीनी विदेश मंत्री (दाएं) से द्विपक्षीय बैठक से पहले हाथ मिलाते हुए
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के बीच मुलाक़ात के बाद चीन ने अपने आंतरिक मामले में हस्तक्षेप की ओर से अमरीका को चेतावनी दी है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शनिवार को अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी से टेलीफ़ोन पर बातचीत में बल दिया कि वॉशिंग्टन, तिब्बत से संबंधित चीन के आतंरिक मामले में हस्तक्षेप से दूर रहे। केरी ने चीनी विदेश मंत्री को इस बात का आश्वासन दिलाते हुए कि बीजिंग के संबंध में अमरीका की विदेश नीति में कोई बदलाव नहीं आया है, बल दिया कि तिब्बत चीन का भाग था।
चीनी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट कॉल के अनुसार, अमरीकी विदेश मंत्री ने बल दिया कि वॉशिंग्टन तिब्बत के चीन से आज़ाद होने के अभियान का किसी प्रकार का समर्थन नहीं कर रहा है।
चीनी विदेश मंत्री ने अपने अमरीकी समकक्ष से टेलीफ़ोन पर बातचीत ऐसी स्थिति में की कि पिछले हफ़्ते बीजिंग की ओर से कूटनैतिक संबंध प्रभावित होने की चेतावनी के बावजूद वाइट हाउस में बराक ओबामा ने दलाई लामा से मुलाक़ात की।
इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ओबामा-दलाई लामा मुलाक़ात पर चीन की कड़ी आपत्ति से बीजिंग में अमरीकी दूतावास को सूचित किया गया था।
चीन दलाई लामा को तिब्बत की चीन से आज़ादी के लिए कोशिश करने वाले पृथकतावादी नेता के रूप में देखता है।
ज्ञात रहे दक्षिणी चीन सागर के विवादास्पद क्षेत्र में अमरीका की सैन्य उपस्थिति के कारण बीजिंग-वॉशिंग्टन संबंध बहुत तनावपूर्ण हैं। चीन दक्षिणी चीन सागर के विवादास्पद क्षेत्र के मालेकाना हक़ का दावा करता है। (MAQ/N)