इराक़ में आतंकवाद के समर्थकों की दोहरी नीति
संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने फ़ल्लूजा नगर को आतंकियों से मुक्त कराने में इराक़ सरकार की सफलता और इस क्षेत्र में आम नागरिकों की जानी क्षति को कम करने के उसके प्रयासों की अनदेखी करते हुए इराक़ से मांग की है कि वह फ़ल्लूजा में आम नागिरकों की जान की रक्षा करे।
सुरक्षा परिषद के वर्तमान अध्यक्ष फ़्रान्स के प्रतिनिधि फ़्रान्सवा दोलातर ने परिषद की बैठक के बाद दावा किया कि सुरक्षा परिषद को इराक़ के अलअंबार प्रांत के फ़ल्लूजा नगर में मानवीय स्थिति पर चिंता है और उसका कहना है कि फ़ल्लूजा में झड़पों से फ़रार होने वालों की समस्याओं में वृद्धि नहीं होनी चाहिए। फ़ल्लूजा में पिछले तीन सप्ताह से आतंकी गुट दाइश से इराक़ी सुरक्षा बलों की जारी झड़पों के दौरान अनेक पश्चिमी औ अरब विशेष कर सऊदी अरब के संचार माध्यमों ने सेना व सुरक्षा बलों द्वारा स्वतंत्र कराए जाने वाले क्षेत्रों में मानवाधिकार के हनन संबंधी झूठी ख़बरों को बढ़ा चढ़ा कर पेश किया है जिस पर इराक़ी अधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दिखाई है।
इराक़ व क्षेत्र में दाइश के समर्थकों ने पिछले साल भी उत्तरी इराक़ के रणनैतिक क्षेत्र तिकरीत की स्वतंत्रता के बाद, इराक़ी सरकार व सुरक्षा बलों के समर्थन के बजाए इस क्षेत्र में इराक़ी बलों के हाथों मानवाधिकार के हनन जैसे दावे किए थे। आतंकियों के समर्थकों की नीति में यह विरोधाभास एेसी स्थिति में है कि दाइश द्वारा इराक़ के एक बड़े भाग पर दो साल पहले क़ब्ज़ा किए जाने के बाद इस देश के विभिन्न क्षेत्रों में इस गुट के अमानवीय अपराधों के बावजूद मानवाधिकार के झूठे दावेदारों ने अब तक सीरिया व इराक़ में इस आतंकी गुट के अपराधों की समीक्षा के लिए किसी समिति के गठन की मांग तक नहीं की है। (HN)