पाकिस्तान में राहील शरीफ़ के चित्रों वाले बैनरों पर राजनीति गरमाई
पाकिस्तानी सेना ने विभिन्न शहरों में सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ़ के समर्थन में लगे बैनर्ज़ के बारे में कहा है कि इनसे सेन का कोई लेना देना नहीं है।
पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग के प्रमुख लेफ़्टिनेन्ट जनरल आसिम सलीम बाजवह ने कहा कि सेना प्रमुख के चित्रों वाले बैनर्ज़ का सेना या उससे जुड़ी संस्थाओं से कोई संबंध नहीं है।
ज्ञात रहे कि पंजाब के एक अज्ञात संगठन मूव आन पाकिस्तान ने एक बार फिर सेना प्रमुख राहील शरीफ़ के चित्रों वाले बैनर देश के 13 शहरों की सड़कों पर लगाए हैं जिनमें सेना प्रमुख से मार्शल ला लगाने और देश में टेक्नोक्रेटों की सरकार गठित करने की मांग की गई है।
कराची में लगाए बैनरों में लिखा है कि जाने की बातें हुईं पुरानी ख़ुदा के लिए अब आ जाओ।
इसी बीच पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री परवेज़ रशीद ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ़ के संबंध में संदेह फैलाना आप्रेशन ज़र्बे अज़्ब को कमज़ोर करने के समान है जबकि उन्हें बुलाने वाले मूर्ख हैं।
परवेज़ शरीफ़ ने कहा कि सेना प्रमुख को बुलाने वाले मूर्ख हैं और ऐसे मूर्ख मित्र किसी का भी भला नहीं चाहते। परवेज़ रशीद ने बताया कि प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने स्वदेश लौटने के बाद कार्यभार संभाल लिया है, कुछ लोगों ने उनके रास्ते में रुकावटें डालने की कोशिश की थी लेकिन प्रधानमंत्री ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया।
दूसरी ओर विपक्षी दल पीपल्ज़ पार्टी के नेता एतेज़ाज़ अहसन ने कहा कि सेना प्रमुख के संबंध में लगाए गए बैनर सरकार की एक चाल है और सरकार इस तरह हमें भयभीत करना चाहती है।
संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए एतेज़ाज़ अहसन ने कहा कि मुस्लिम लीग नून पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर में चुनाव से भागना चाहती है लेकिन हम उसे भागने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि बैनर की चाल के पीछे सरकार की यह कोशिश है कि वह पनामा लीक्स के मामले में जांच से ख़ुद को बचा ले।