अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी ड्रोन हमले, 22 मरे
https://parstoday.ir/hi/news/world-i21770-अफ़ग़ानिस्तान_में_अमरीकी_ड्रोन_हमले_22_मरे
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी ड्रोन हमले में 22 अफ़ग़ान सैनिक मारे गए।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug २७, २०१६ १०:४४ Asia/Kolkata
  • अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी ड्रोन हमले, 22 मरे

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी ड्रोन हमले में 22 अफ़ग़ान सैनिक मारे गए।

दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में स्थित हेलमंद प्रांत की परिषद ने बताया कि ये सैनिक तालेबान की क़ैद में थे। तालेबान ने भी एक बयान जारी किया है जिसमें इन 22 सैनिकों की मौत की पुष्टि की गई है। इसी प्रकार इस बयान में आया है कि हेलमंद प्रांत के नादे अली इलाक़े में अमरीकी ड्रोन हमला हुआ, जिसमें 3 तालेबान मारे गए। यह ऐसी स्थिति में है कि अमरीकी सैनिकों ने इस प्रांत में 2 ड्रोन हमलों की पुष्टि की है किन्तु इन 22 सैनिकों के मारे जाने का कोई उल्लेख नहीं किया है। उन्होंने दावा किया कि व्यापक समीक्षा के बाद उन्हें यह विश्वास हुआ है कि इन दोनों हमलों में कोई भी आम नागरिक और तालेबान की क़ैद में मौजूद कोई व्यक्ति नहीं मारा गया।

 

इस बीच अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी इन सैनिकों के मारे जाने का खंडन किया है। अफ़ग़ान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता दौलत वज़ीरी ने कहा, “गुरुवार को 5 बजे नादे अली क्षेत्र के चाह अंजीर इलाक़े में एक हमला हुआ जिसमें दुश्मन का एक ठिकाना पूरी तरह तबाह हो गया और 24 दुश्मन मारे गए।” हेलमंद प्रांत के गवर्नर हयातुल्लाह हयात ने भी तालेबान के दावे को रद्द करते हुए कहा कि तालेबान की जेलें नौज़ाद और मूसा क़िला इलाक़ों में हैं।

 

ज्ञात रहे कि अमरीकी गुप्तचर सेवा सीआईए अफ़ग़ानिस्तान, सोमालिया, पाकिस्तान और यमन में जासूसी काम और हवाई हमलों के लिए ड्रोन इस्तेमाल करती है। वॉशिंग्टन का दावा है कि वह अलक़ाएदा के तत्वों सहित दूसरे मिलिशिया गुटों को निशाना बनाता है जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि इन हमलों में मुख्य रूप से आम नागरिक मारे जाते हैं।(MAQ/N)