पाकिस्तान हिकमतयार को अफगानिस्तान में भारत के खिलाफ इस्तेमाल करेगा
काबुल में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत ने कहा है कि इ्स्लामाबाद काबुल में हिकमतयार की उपस्थिति को अफगानिस्तान में भारतीय हितों के खिलाफ प्रयोग करने का इरादा रखता है।
काबुल में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत रुस्तम शाह मोमन्द ने कहा है कि फिलहाल हिकमतयाद की पार्टी हिज़्बे इस्लामी की सैनिक शक्ति खत्म हो चुकी है और वह सिर्फ राजनीतिक क्षेत्र में शक्तिशाली है और इसी लिए पाकिस्तान चाहता है कि इस पार्टी की राजनीतिक शक्ति का फायदा उठाए।
अफगानिस्तान के बहुत से नेताओं का मानना है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अपने हितों की रक्षा के लिए बहुत सी अफगान हस्तियों को तैयार कर रखा है।
अफगानिस्तान के टीकाकार, अहमद सईदी का इस बारे में कहना है कि निश्चित रूप से पाकिस्तान की कोशिश है कि गुलबुद्दीन हिकमत यार को अफगानिस्तान में सक्रिय करे और भारत तथा कुछ अन्य पक्षों के खिलाफ उनका प्रयोग करे।
याद रहे एक शांति समझौते के आधार पर अफगानिस्तान की इस्लामी पार्टी के प्रमुख ने अफगानिस्तान के संविधान को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है और यह वचन दिया है कि वह अफगानिस्तान के राष्ट्रीय हितों के लिए काम करेंगे।
इस से पहले हिकमत याद अफगानिस्तान की केन्द्रीय सरकार के विरोधी थे और उन्होंने काफी समय पाकिस्तान में बिताया है। (Q.A.)