सार्क शिखर सम्मेलन स्थगित
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दक्षिण एशियाई सहयोग संगठन दक्षेस के सदस्य देशों की ओर से 19वें शिखर सम्मेलन में भाग न लेने की घोषणा के बाद पाकिस्तान ने 9 और 10 नवंबर को इस्लामाबाद में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन को स्थगित करने की औपचारिक घोषणा कर दी।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep ३०, २०१६ १९:४८ Asia/Kolkata
  • सार्क शिखर सम्मेलन स्थगित

दक्षिण एशियाई सहयोग संगठन दक्षेस के सदस्य देशों की ओर से 19वें शिखर सम्मेलन में भाग न लेने की घोषणा के बाद पाकिस्तान ने 9 और 10 नवंबर को इस्लामाबाद में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन को स्थगित करने की औपचारिक घोषणा कर दी।

पाकिस्तान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता नफ़ीस ज़करिया ने एक बयान जारी करके कहा कि प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ सार्क कांफ़्रेंस में सदस्य देशों के प्रमुखों की उपस्थिति की प्रतीक्षा कर रहे थे और इस संबंध में समस्त कार्यवाहियां और तैयारियां पूरी कर ली गयी थीं।

पाक विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान सार्क फ़ोरम के अंतर्गत जनता की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए दृढ़ संकल्पित है किन्तु भारत का कांफ़्रेंस में भाग न लेने की घोषणा, नरेंद्र मोदी के निर्धनता के विरुद्ध दावों को नकारता है। बयान में कहा गया है कि यह कार्यवाही कश्मीर मुद्दे से ध्यान हटाने की विफल कोशिश है।

नफ़ीस ज़करिया ने कहा कि एक सदस्य देश की ओर से अपने विशेष लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए द्विपक्षीय मामलों पर क्षेत्रीय सहयोग की प्रक्रिया को प्रभावित करना, सार्क चार्टर का उल्लंघन है जबकि सार्क फ़ोरम के अंतर्गत पाकिस्तान क्षेत्रीय सहयोग को बहुत अधिक महत्व देता है। पाकिस्तानी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि नेपाल को इस संबंध में अवगत करा दिया गया है और नेपाल शीघ्र ही इस्लामाबाद में सार्क कांफ़्रेंस की नई तिथि की घोषणा करेगा।

इससे पहले श्रीलंका ने भी 19वें सार्क शिखर सम्मेलन में भाग न लेने की घोषणा की थी और कहा कि क्षेत्र की वर्तमान स्थिति इस्लामाबाद में होने वाली कांफ़्रेंस के लिए सार्थक नहीं है। श्रीलंका के विदेशमंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि सार्क कांफ़्रेंस चार्टर के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है कि फ़ैसले समस्त स्तरों पर सर्वसम्मति से किए जाएं और एसा करना सम्मेलन बुलाने वाले देश या सार्क के सदस्य देशों के लिए भी आवश्यक होता है।

बयान में कहा गया है कि दक्षिण एशिया की जनता के लाभ और क्षेत्र में सकारात्मक सहयोग की सफलता के लिए शांति और स्थिरता बहुत आवश्यक है। श्रीलंका का कहना था कि सार्क के संस्थापक सदस्य और क्षेत्र में सहयोग के लिए दृढ़ संकल्पित श्रीलंका यह आशा करता है कि क्षेत्र में शांति व स्थरिता के लिए सार्थक वातावरण बनाया जाएगा जो क्षेत्रीय सहयोग के लिए बहुत आवश्यक है।

दूसरी ओर भारत के अतिरिक्त तीन अन्य देशों ने भी कांफ़्रेंस में भाग न लेने की घोषणा की थी जिनमें अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान शामिल हैं। कूटनयिक सूत्रों का कहना है कि सार्क के क़ानूनों में यह बात मौजूद है कि यदि एक भी सदस्य देश कांफ़्रेंस में भाग लेने से इन्कार कर दे तो सार्क कांफ़्रेंस स्थगित हो जाएगी।  

ज्ञात रहे कि जारी महीने 18 सितंबर को जम्मू व कश्मीर के बारमूला ज़िले के उड़ी सेक्टर में भारतीय सेना की छावनी पर होने वाले आतंकी हमले में 18 सैनिक मारे गये थे। घटना के बाद से भारत और पाकिस्तान के संबंध तनावग्रस्त हो गये हैं। (AK)