राष्ट्रीय सुरक्षा और कश्मीर पाकिस्तान की लाल रेखा
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पाकिस्तान की राष्ट्रीय असेंब्ली में विपक्ष के नेता सय्यद ख़ुर्शीद शाह ने कहा कि इस देश की सुरक्षा और कश्मीर के विषय पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct ०७, २०१६ १३:४५ Asia/Kolkata

पाकिस्तान की राष्ट्रीय असेंब्ली में विपक्ष के नेता सय्यद ख़ुर्शीद शाह ने कहा कि इस देश की सुरक्षा और कश्मीर के विषय पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

ख़ुर्शीद शाह ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर की जनता पर कोई ज़ुल्म नहीं होने देगा और इस संदर्भ में विश्व समुदाय पर दबाव डाला जाए ताकि इस क्षेत्र की जनता को उसका अधिकार मिल सके।

पाकिस्तान सरकार हालिया वर्षों में भारत नियंत्रित कश्मीर की जनता के ख़िलाफ़ सुरक्षा बल के हिंसक व्यवहार पर आपत्ति जताती रही है। इस बार पाकिस्तान सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि कश्मीर का विषय अंतर्राष्ट्रीय विषय बन जाए और फिर इस संदर्भ में अंतर्राष्ट्रीय हल्क़ों की आवाज़ें उठें।

जैसा कि पाकिस्तानी प्रधान मंत्री नवाज़ शरीफ़ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में कश्मीर के विषय को उठाया ताकि इस सभा में उपस्थित दूसरे देशों के उच्च प्रतिनिधिमंडल कश्मीर के चिंताजनक हालात की ओर ध्यान दें। इसी प्रकार पाकिस्तानी प्रधान मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के नाम ख़त में कश्मीर संकट के हल के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को लागू करने की मांग की।

इस्लामाबाद का मानना है कि कश्मीर को अंतर्राष्ट्रीय विषय बनाकर इस क्षेत्र की जनता के ख़िलाफ़ भारत के हिंसक रवैया को रुकवाया जा सकता है। भारत कश्मीर संकट को अंतर्राष्ट्रीय विषय बनाए जाने के ख़िलाफ़ है और वह कश्मीर की स्थिति के निर्धारण के लिए रेफ़्रेन्डम की इजाज़त नहीं देगा।

भारत के विरोध के बावजूद कश्मीर का विषय कुछ हद तक वैश्विक हल्क़ों के ध्यान का केन्द्र बना है। इसी आधार पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव और पश्चिम के कुछ शक्तिशाली देशों ने नई दिल्ली से मांग की है कि वह कश्मीर के विषय को बातचीत के ज़रिए हल करे।

पाकिस्तानी संसद में विपक्ष के नेता सय्यद ख़ुर्शीद शाह का यह बयान कि कश्मीर का विषय इस देश के लिए लाल रेखा है, जिस पर कोई समझौता नहीं हो सकता, पाकिस्तानी जनता और राजनैतिक दलों की कश्मीर के विषय पर संवेदनशीलता को दर्शाता है और यही भारत पाकिस्तान के बीच सबसे बड़ा विवाद समझा जाता है। (MAQ/T)