चीन ने अंतरिक्ष में भेजा अपना मानवयु्क्त यान
चीन ने मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान में दो अंतरिक्ष यात्रियों को धरती की परिक्रमा कर रही दूसरी प्रयोगशाला में भेजा है।
चीन ने सोमवार को एक मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान में दो अंतरिक्ष यात्रियों को धरती की परिक्रमा कर रही दूसरी प्रयोगशाला में भेजा। यह दोनों अंतरिक्षयात्री एक माह तक वहीं रहेंगे।
चीनी अंतरिक्षयात्री चिंग हैपेंग (50) और चेन डोंग (37) उत्तरी चीन में गोबी रेगिस्तान के पास जिक्यूआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से स्थानीय समय के अनुसार सुबह साढ़े सात बजे 'शेनझोउ-11' अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने वु-पिंग का हवाला देते हुए कहा था कि दो दिन के अंदर यह पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे थियानगोंगे-2 अंतरिक्ष प्रयोगशाला से मिल जाएगा, जिसमें दोनों अंतरिक्षयात्री 30 दिन तक रहेंगे। चीन ने अपना पहला मानवयुक्त अभियान 2003 में शुरू किया था।
इससे पहले चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष इंजीनियरिंग कार्यालय की उपनिदेशक वु-पिंग ने बताया था कि 'लॉन्ग मार्च-2 एफ' वाहक रॉकेट उपग्रह को लेकर जाएगा।
चीन अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में अरबों की राशि खर्च करता है। चीन ने कहा है कि उसका अंतरिक्ष कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए है, लेकिन उसने अपने असैन्य मकसदों के अलावा उपग्रह रोधी मिसाइल का भी परीक्षण किया है।
वु-पिंग के अनुसार दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को थियानगोंग-2 अंतरिक्ष प्रयोगशाला में उतारने और इससे खुद को अलग करने के बाद शेनझोउ-11 अंतरिक्षयान एक दिन के अंदर पृथ्वी पर वापस आ जाएगा।
ज्ञात रहे कि चीन का लक्ष्य साल 2022 तक अपना स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना है।