नाइजीरियाई सेना ने मुसलमानों की कई इमारतों को ध्वस्त कर दिया
नाइजीरिया के कादूना प्रांत के अधिकारियों ने इस्लामी आंदोलन को ग़ैर कानूनी घोषित कर दिया
नाइजीरिया में शीया मुसलमानों का दमन यथावत जारी है। पिछले कुछ दिनों के दौरान नाइजीरिया के इस्लामी आंदोलन से संबंधित इमारतों को इस देश के सैनिकों ने ध्वस्त कर दिया है।
इस्लामी आंदोलन के अधिकारियों ने कहा है कि सैनिकों ने नाइजीरिया के उत्तर में स्थित जारिया और सेमीनाका नगरों में स्कूल, अस्पताल और धार्मिक शिक्षा केन्द्रों सहित कई इमारतों को ध्वस्त कर दिया।
इस्लामी आंदोलन के अधिकारियों ने बताया है कि पूर्व चेतावनी के बिना यह कार्य अंजाम गया और इस आंदोलन ने इस विध्वंसक कार्यवाही के लिए किसी प्रकार की कोई भड़काऊ नहीं की है।
इससे पहले नाइजीरिया के सुरक्षा बलों ने इस्लामी आंदोलन के लगभग उन 100 सदस्यों को शहीद कर दिया जिन्होंने अरबईन के उपलक्ष्य में अजादारी के कार्यक्रम में भाग लिया था। इस हमले में सुरक्षा बलों ने युद्ध में प्रयोग होने वाले गोलों और आंसू गैस के गोलों को अज़ादारों की ओर फेंका था।
पिछले साल 12 दिसंबर को नाइजीरिया के सुरक्षा बलों ने कादूना प्रांत में एक इमामबाड़े पर हमला किया था जिसके बाद से अब तक नाइजीरिया के शीया मुसलमानों का दमन जारी है। उस हमले में इस्लामी आंदोलन के नेता शेख ज़कज़की को ज़ारिया शहर में घायल करके गिरफ्तार कर लिया गया था। इसी प्रकार उस हमले में शेख ज़कज़की के तीन बेटे सहित सैकड़ों मुसलमानों को शहीद कर दिया था।
कुछ दिन पूर्व नाइजीरिया के कादूना प्रांत के अधिकारियों ने इस्लामी आंदोलन को ग़ैर कानूनी घोषित कर दिया।
इस प्रांत के अधिकारियों के दावों के अनुसार इस्लामी आंदोलन से सहकारिता करने या उसकी सदस्यता के आरोप में गिरफ्तार लोगों को लंबे समय तक जेल में रखा जायेगा और नक़दी जुर्माना अदा करना होगा।
इसी प्रकार मुसलमानों की ओर से हर प्रकार के जमावड़े को मना कर दिया गया है।
राजनीतिक टीकाकारों का मानना है कि नाइजीरिया के मुसलमानों पर दबावों में वृद्धि एक ओर और दूसरी ओर शेख ज़कज़की की गिरफ्तारी और उनके कानूनी अधिकारों की उपेक्षा इस देश में इस्लाम के प्रचार- प्रसार को रोकने और उनके प्रभाव को महत्वहीन दिखाने के परिप्रेक्ष्य में हो रही है। MM