म्यांमार रोहिंग्या मुसलमानों का जातीय सफ़ाया कर रहा है, यूएन अधिकारी
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संयुक्त राष्ट्र संघ के एक उच्च अधिकारी ने कहा है कि म्यांमार प्रशासन देश के दक्षिण-पूर्व में रोहिंग्या मुसलमानों का जातीय सफ़ाया कर रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov २५, २०१६ १६:४९ Asia/Kolkata
  • 24 नवंबार 2016 को बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार क़स्बे में दीन मोहम्मद(बाएं) जिसके दो बड़े बेटों को म्यांमार के सैनिक पकड़ ले गए।
    24 नवंबार 2016 को बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार क़स्बे में दीन मोहम्मद(बाएं) जिसके दो बड़े बेटों को म्यांमार के सैनिक पकड़ ले गए।

संयुक्त राष्ट्र संघ के एक उच्च अधिकारी ने कहा है कि म्यांमार प्रशासन देश के दक्षिण-पूर्व में रोहिंग्या मुसलमानों का जातीय सफ़ाया कर रहा है।

बांग्लादेश के तटवर्ती क़स्बे कॉक्स बाज़ार में संयुक्त राष्ट्र संघ के शरणार्थी आयोग के प्रमुख जॉन मैक्किसिक ने गुरुवार को कहा कि म्यांमार की पुलिस और सीमा सुरक्षा बल 9 अक्तूबर से रोहिंग्या मुसलमानों को सामूहिक रूप से दंडित कर रहे हैं। 9 अक्तूबर को पश्चिमी राख़ीन राज्य के मौंग्दा क़स्बे में एक पुलिस चेकपोस्ट पर बंदूक़धारियों के हमले में 9 पुलिस कर्मी मारे गए थे।

उन्होंने कहा कि म्यांमार के सुरक्षा बल, “मर्दों को मार कर, बच्चों को क़त्ल कर, औरतों के साथ ब्लात्कार कर, घरों को लूट व आग लगा कर लोगों को नदी पार करने पर मजबूर कर रहे हैं।”

10 नवंबर 2016 की सैटलाइट की इस तस्वीर में जिसे ह्यूमन राइट्स वॉच ने जारी किया, म्यांमार के मौंग्दा ज़िले के वा पेक गांव की तबाही नज़र आ रही है।

 

मैक्किसिक ने कहा कि बांग्लादेश सरकार के लिए बड़ी संख्या में लोगों को जगह देना मुश्किल है, लेकिन इसके अलावा कोई रास्ता नहीं है क्योंकि दूसरा विकल्प मौत या पीड़ा है।(MAQ/N)