ह्यूमन राइट्स वॉच द्वारा अमरीका की आलोचना
https://parstoday.ir/hi/news/world-i30961-ह्यूमन_राइट्स_वॉच_द्वारा_अमरीका_की_आलोचना
ह्यूमन राइट्स वॉच द्वारा अमरीका की आलोचना
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec १०, २०१६ १५:०६ Asia/Kolkata

ह्यूमन राइट्स वॉच द्वारा अमरीका की आलोचना

मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने यमन में युद्ध अपराध के कारण सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा है कि इन अपराधों में अमरीका भी सहापराधी है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने एक बयान में यमन में नवंबर के महीने में सऊदी अरब के हवाई हमलों में 160 से ज़्यादा आम नागरिकों के मारे जाने का उल्लेख करते हुए कहा है कि इनमें से ज़्यादातर लोग अमरीका निर्मित बमों से मरे हैं। ह्यूमन राइट्स वॉच के बयान में इसी प्रकार आया है कि अमरीका ने जो हथियार हाल में सऊदी अरब को बेचे हैं वे सितंबर और अक्तूबर में यमन में हवाई हमले मे इस्तेमाल हुए हैं इसलिए अमरीका भी इन अपराधों में शामिल समझा जाएगा।

सऊदी अरब कुछ अरब देशों पर आधारित गठजोड़ के सांचे में अमरीका के समर्थन से 26 मार्च 2015 से यमन की जनता के ख़िलाफ़ व्यापक हमले कर रहा है, जिसमें अब तक 10000 से ज़्यादा यमनी नागरिक हताहत व घायल हुए हैं। इन हमलों में सऊदी शासन ने अमरीका और ब्रिटेन निर्मित बमों व मीज़ाईलों को इस्तेमाल किया है।

वास्तव में ओबामा सरकार ने अमरीका की हथियारों की बड़ी कंपनियों के हितों की रक्षा में उन अपराधों के संबंध में अपनी आंख बंद कर ली है जो सऊदी शासन की अगुवाई में पिछले 22 महीने से यमन में जारी हैं।

ह्यूमन राइट्स वॉच का हालिया बयान यह दर्शाता है कि न सिर्फ़ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय बल्कि मानवाधिकार संगठन भी यमन जंग में वॉशिंग्टन के अमानवीय व्यवहार के संबंध में उदासीन नहीं है। जैसा कि ह्यूमन राइट्स वॉच के बयान में चेतावनी दी गयी है कि ओबामा सरकार के पास सऊदी अरब को हथियारों का निर्यात पूरी तरह रोकने के लिए ज़्यादा वक़्त नहीं बचा है और अगर उसने हथियारों का निर्यात नहीं रोका तो वह भी यमन में सऊदी शासन के साथ सहापराधी समझा जाएगा। (MAQ/T)