यूरोपीय देशों और इस्राईल के बीच ठनी
संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में ज़ायोनी शासन के विरुद्ध प्रस्ताव पारित होने के बाद उन यूरोपीय देशों से भी इस्राईल का तनाव बढ़ गया है जिन्होंने सुरक्षा परिषद में इस्राईल विरोधी प्रस्ताव का समर्थन किया है।
ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे से अपनी निर्धारित मुलाक़ात रद्द कर दी जिस पर ब्रिटेन की सरकार ने आपत्ति भी जताई है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने भी कीएफ़ में इस्राईल के राजदूत को तलब करके स्पष्टीकरण मांगा क्योंकि ज़ायोनी प्रधानमंत्री ने प्रस्ताव 2334 का समर्थन करने के कारण यूक्रेन के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात को भी रद्द कर दिया है। इस्राईल ने प्रस्ताव का समर्थन करने वाले कई देशों के साथ अपने कूटनैतिक संबंध भी सीमित कर लिए।
सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर इस्राईल का आक्रोश इस बात का प्रमाण है कि इस्राईल के पारम्परिक समर्थक देश भी अब इस्राईल की मनमानी पर आपत्ति जताने लगे हैं जबकि दूसरी ओर इससे यह हक़ीक़त भी सामने आती है कि फ़िलिस्तीनी धरती पर ज़ायोनी कालोनियों के निर्माण की ग़ैर क़ानूनी और ग़ैर इंसानी ज़ायोनी नीति इतनी तर्कहीन है कि ज़ायोनी शासन के पश्चिमी घटक भी इस मामले में ज़ायोनी शासन का साथ नहीं दे पा रहे हैं।
सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2334 में बैतुल मुक़द्दस शहर सहित अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी भूमियों में ज़ायोनी कालोनियों के निर्माण को तत्काल बंद किए जाने की मांग की गई है। ज़ायोनी शासन फ़िलिस्तीनी भूमियों पर यहूदी बस्तियों का निर्माण करके वहां की डेमोग्रैफ़ी बदलने का प्रयास कर रहा है जिसकी सारी दुनिया में निंदा की जाती है।
प्रस्ताव पारित होने के बाद ज़ायोनी शासन ने जो क़दम उठाए हैं उन पर संबंधित देशों के भीतर सामने आने वाली प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण है। यूक्रेन में यहूदियों ने कहा है कि सरकार ने प्रस्ताव के समर्थन में वोट डालकर इस्राईल से व्यापारिक समझौतों को ख़तरे में डाल दिया है। लेकिन यूक्रेन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय नियमों पर अपनी प्रतिबद्धता के तहत इस्राईल विरोधी प्रस्ताव का समर्थन करने का फ़ैसला किया। अमरीका में भी नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ओबामा प्रशासन पर टिप्पणी की है जिसने प्रस्ताव को वीटो नहीं किया और प्रस्ताव पारित हो गया।
बहरहाल यह प्रस्ताव इस्राईल के लिए एक बड़ा झटका है।