बगदाद अमेरिका की समस्त गलतियों का हर्जाना लेगाः हैदर अलएबादी
सामूहिक विनाश के हथियार का दावा इराक पर हमला करने का मात्र बहाना था
अमेरिका ने वर्ष 2003 में इराक पर जो हमला किया था इराक के प्रधान मंत्री ने उसके बारे में पूरी जांच का आह्वान किया है। हैदर अलएबादी ने कहा कि यह अमेरिकी हमला इराक में अशांति व अराजकता का कारण बना। साथ ही उन्होंने कहा कि बगदाद अमेरिका की समस्त गलतियों का हर्जाना लेगा।
हैदर अलएबादी ने कहा कि इराक पर अमेरिका के हमले से इस देश में पूरी दुनिया के आतंकवादियों के आने का द्वार खुल गया और इराकियों ने इसके लिए भारी कीमत अदा की।
उल्लेखनीय है कि इराक युद्ध की जांच करने की ज़िम्मेदार एक ब्रितानी कमेटी ने इराक पर हमले को पिछले साल अतार्किक बताया था। अमेरिका और ब्रिटेन ने कहा था कि सद्दाम के पास सामूहिक विनाश के हथियार हैं और इसी चीज़ को बहाना बनाकर उन्होंने वर्ष 2003 में इराक पर हमला कर दिया था। कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की रिपोर्टों के अनुसार इस हमले और अतिग्रहण में कई लाख इराकी मारे गये।
अमेरिका के क्रिया-कलापों ने दर्शा दिया कि सामूहिक विनाश, इराक पर हमला करने के लिए बहाने से अधिक कुछ और नहीं था और व्यवहारिक रूप से अमेरिका और ब्रिटेन जिस चीज़ की खोज में नहीं थे वह सामूहिक विनाश के हथियार थे। क्योंकि अमेरिका और ब्रिटेन उन देशों में से हैं जिन्होंने सद्दाम को सामूहिक विनाश के हथियारों से लैस किया था।
अगर ये देश वास्तव में सामूहिक विनाश के हथियार के विरोधी हैं तो जब सद्दाम ने ईरान के विरुद्ध बारमबार इन हथियारों का प्रयोग किया और सद्दाम ने इन्हीं हथियारों का प्रयोग स्वयं अपनी जनता पर भी किया तो उस समय इन देशों ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया? यही नहीं इन देशों ने अर्थपूर्ण चुप्पी साधकर इन हथियारों के प्रयोग के लिए सद्दाम को हरी झंडी दिखाई।
इराक पर अमेरिका के सीधे हमले और अतिग्रहण से न केवल इराकियों के लिए सुरक्षा व्यवहारिक नहीं हुई बल्कि इसके विपरीत अलकायदा और दाइश जैसे आतंकवादी गुटों के अस्तित्व में आने का कारण बना। MM