वह कौन हैं जो अमरीका में करते हैं आतंकी हमले?
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गत शुक्रवार को अमरीका की ट्रंप सरकार ने आदेश जारी करके ईरान, इराक़, सीरिया, लीबिया, सूडान, सूमालिया और यमन के नागरिकों के अमरीका में प्रवेश पर रोक लगा दी। इस आदेश से इन देशों के नागरिकों को भारी कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ३०, २०१७ १६:३६ Asia/Kolkata
  • वह कौन हैं जो अमरीका में करते हैं आतंकी हमले?

गत शुक्रवार को अमरीका की ट्रंप सरकार ने आदेश जारी करके ईरान, इराक़, सीरिया, लीबिया, सूडान, सूमालिया और यमन के नागरिकों के अमरीका में प्रवेश पर रोक लगा दी। इस आदेश से इन देशों के नागरिकों को भारी कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं।

वैसे ट्रंप सरकार के इस निर्णय की विश्व भर में आलोचना भी की जा रही है।

ट्रंप ने आतंकी हमलों पर अपनी चिंता को आधार बनाकर सात देशों के नागरिकों के अमरीका में प्रवेश पर रोक लगाई है। सवाल यह है कि पिछले कुछ दशकों के दौरान इन देशों के नागरिकों ने अमरीका के किस आतंकी हमले में क्या भूमिका निभाई है।

पोलिश मूल का यह अमरीकी पोस्ट बम से लोगों को निशाना बनाता था।

 

पिछले चार दशकों के दौरान अमरीका में जो बड़े आतंकी हमले हुए उनमें से किसी भी हमले में इन सात देशों का कोई भी नागरिक लिप्त नहीं पाया गया है। यह हमले सऊदी अरब, इमारात, कुवैत, लेबनान, पाकिस्तान और ख़ुद अमरीका के नागरिकों ने किए। इनमें से कुछ हमलावर एसे थे जो विदेशी मूल के तो थे लेकिन उनका जन्म अमरीका में ही हुआ और वह वहीं पले बढ़े।

इस रिपोर्ट में हम अमरीका में 1970 के दशक से लेकर अब तक हुए दस बड़े आतंकी हमलों का जायज़ा लेंगे।

न्यूयार्क में बम विस्फोट, अमरीकी, फिलिस्तीनी और कुवैती नागरिक लिप्त।

वर्ष 1978 से 1995 के बीच पोस्ट द्वारा बम भेजने की श्रंखलाबद्ध घटनाओं में पूरे अमरीका में तीन लोगों की मौत हुई और 23 लोग घायल हुए। इन हमलों के लिए गणितज्ञ टेड काचेन्सकी को दोषी पाया गया और उन्हें आठ बार आजीवन कारावास की सज़ा दी गई। उन्हें आतंकी हमले का तो दोषी नहीं माना गया लेकिन उनके श्रंखलाबद्ध धमाकों को आतंकी मामले के रूप में देखा जाता है। यह पोलिश मूल का अमरीकी नागरिक था जो पोस्ट द्वारा बम भेजकर लोगों की हत्या करता था। उसने हार्वर्ड युनिवर्सिटी से स्नातक और मिशिगन युनिवर्सिटी से डाक्ट्रेट की डिग्री ली।

 

26 फ़रवरी 1993 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दूसरी इमारत में स्थित विस्टा होटल की सार्वजनिक भूमिगत पार्किंग के दूसरे मंज़िले पर बम धमाका हुआ जिसमें 6 लोग मारे गए और 1000 से अधिक लोग घायल हो गए।

यह हमला अलक़ायदा संगठन से जुड़े आतंकी रम्ज़ी युसुफ़, महमूद अबू हलीमा, मुहम्मद सलामह, नेज़ाल अयाद, अब्दुर्रहमान यासीन और अहमद एजाज ने किया। इन हमलावरों को पैस ख़ालिद शैख़ मोहम्मद ने उपलब्ध कराया था।

रम्ज़ी का जन्म कुवैत में हुआ था और उसके मां बाप पाकिस्तानी थे। अबू हलीमा की  पैदाइश मिस्र में हुई थी, सलामह फ़िलिस्तीन का रहने वाला था, अब्दुर्रहमान यासीन का जन्म अमरीका में एक इराक़ी परिवार में हुआ था। एजाज फ़िलिस्तीन का रहने वाला था जबकि शैख़ मोहम्मद का जन्म पाकिस्तान में हुआ था।

ओकलाहामा में बम विस्फोट का ज़िम्मेदार, आयरिश मूल का अमरीकी।

19 अप्रैल 1995 को ओकलाहोमा में अलफ़्रेड पीमोरा फ़ेडरल इमारत में एक धमाका हुआ। इस धमाके में 168 लोग मारे गए और 700 लोग घायल हो गए। वर्ष 2001 में तिमूथी मैकवे को इस हमले का दोषी पाकर फांसी दे दी गई। यह आयरलैंड मूल का अमरीकी नागरिक था।

मैकवे को एक आतंरिक आतंकी मारा जाता है जो अमरीकी आइरिश परिवार में जन्मा।

ओलंपिक में बम विस्फोट का ज़िम्मेदार, अमरीकी परिवार से था और फ्लोरीडा में उसका जन्म हुआ था।

 

27 जूलाई सन 1996 को एटलांटा में ग्रीष्म ओलंपिक खेलों के अवसर पर एक संगीत कन्सर्ट के दौरान एक व्यक्ति मरा गया और एक अन्य व्यक्ति की हार्ट फ़ेल हो जाने से मौत हो गई। हमले में 11 लोग घायल भी हुए थे। वर्ष 2003 में उत्तरी कैरोलीना से राबर्ट रोडल्फ़ नाम के व्यक्ति को गिरफ़तार किया गया और इस हमले के दोष में उसे चार बार उम्र क़ैद और 120 साल जेल की सज़ा हुई।

यह हमलावर अमरीकी परिवार से संबंध रखता था और उसका जन्म फ़्लोरीडा में हुआ था।

सऊदी अरब के 15 संयुक्त अरब इमारत के 2  और मिस्र के 1  नागरिक पर नाइन इलेवन हमले की ज़िम्मेदारी।

11 सितम्बर 2001 को अलक़ायदा के 19 तत्वों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक कर लिया। दो विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की जुड़वा इमारतों से टकराए। एक विमान पेंटागोन की इमारत पर गिरा और चौथा विमान पेंसेल्वानिया में उस समय गिर कर तबाह हो गया जब यात्रियों ने उसका कंट्रोल संभालने की कोशिश की। न्यूयार्क में 2537 पेंटागोन में 184 और पेंसेल्वानिया में 40 लोगों की मौत हुई और कुल मिलाकर मरने वालों की संख्या 2977 तक पहुंची।

यह हमला 15 सऊदी, दो इमाराती, एक मिस्री और एक लेबनानी ने मिलकर किया था।

अमरीकी मेजर, जिसने अपने सहकर्मियों को गोलियों से भूना था , फिलिस्तीनी मूल का था।

5 नवम्बर 2009 को एक सैनिक अफ़सर नज़ाल हसन ने टेक्सास स्थित फ़ोर्टहुड छावनी में फ़ायरिंग कर दी जिसमें 13 लोग मारे गए और 32 घायल हो गए। हमलावर को मौत की सज़ा सुनाई गई। उस पर आतंकी होने का आरोप नहीं लगा लेकिन बहुत से लोग यही समझते हैं कि यह भी एक आतंकी हमला था। यह हमलावर फ़िलिस्तीनी मूल का था अलबत्ता उसका जन्म अमरीका में हुआ था।

 

15 अप्रैल 2013 को बोस्टन में मैराथन दौड़ के गंतव्य के क़रीब धमाका हुआ जिसमें 3 लोग मारे गए और 264 घायल हो गए। अदालत ने जौहर सारनाएफ़ नामक हमलावर को 25 जुलाई 2015 को मौत की सज़ा सुनाई। इस हमलावर का परिवार  चेचनिया से अमरीका गया था।

पांच अमरीकी सैनिकों को मारने वाला, अमरीका था जिसका जन्म कुवैत में हुआ था।

16 जुलाई 2015 को मोहम्मद अब्दुल अज़ीज़ नामक हमलावर ने टेनसी राज्य में नौसेना के एक भर्ती केन्द्र पर फ़ायरिंग कर दी। हमले में पांच सैनिक मारे गए। यह हमलावर कुवैती मूल का अमरीकी नागरिक था।

2 दिसम्बर 2015 को सैयद रिज़वान फ़ारूक़ और शेफ़िन मालिक नाम के जोड़े ने केलीफ़ोर्निया के सन बर्नारडीनो में एक मेहमानी के अवसर पर हमला कर दिया जिसमें 14 लोग मारे गए।

पाकिस्तानी मूल के अमरीकी दंपति जिसने एक पार्टी में चौदह लोगों को मार डाला था।

यह जोड़ा पाकिस्तानी मूल का था।

रिज़वान फ़ारुक़ा का जन्म शिकागो में हुआ था। उसे माता पिता पाकिस्तान से पलायन करके अमरीका गए थे। शेफ़न का जन्म पाकिस्तान में हुआ था लेकिन उसने अपने जीवन का अधिक भाग सऊदी अरब में बिताया था।

अमरीका के इस हालिया आतंकवादी के पास अमरीकी पास्पोर्ट था और उसके माता पिता अफगानिस्तान से अमरीका गये थे।

12 जून 2016 को उमर मतीन नाम के 29 वर्षीय गार्ड ने फ़्लोरीड को ओरलांडो में एक नाइट क्लब में हमला करके 49 लोगों को मौत के घाट उतार दिया और 53 लोगों को घायल कर दिया। उमर मतीन के माता पिता अफ़ग़ानी थे  जबकि उसका जन्म न्यूयार्क में हुआ था।