पेरिस के म्यूज़ियम में आतंकवादी घटना और इसका प्रभाव
पेरिस के म्यूज़ियम में आतंकवादी घटना और इसका प्रभाव
फ़्रांस की पुलिस ने शुक्रवार को एलान किया कि एक सशस्त्र व्यक्ति की जो पेरिस के लोवर म्यूज़िमय में दाख़िल होने के प्रयास में था, सुरक्षा बल से झड़प हुयी। इस झड़प के नतीजे में आक्रमणकारी और एक सुरक्षा कर्मी भी घायल हुआ। इस घटना के बाद फ़्रांस के राष्ट्रपति फ़्रांसवा ओलांद ने इस घटना को आतंकवादी घटना की संज्ञा दी। जांच से पता चला कि आक्रमणकारी एक मिस्री नागरिक था जो 2017 के जनवरी के अंतिम दिनों में फ़्रांस पहुंचा था।
फ़्रांस में 2017 में पहली आतंकवादी घटना इस बात के मद्देनज़र कि इस देश में राष्ट्रपति चुनाव होने वाला है, कहीं राष्ट्रपति पद के प्रत्याशियों के लिए चुनावी मुद्दा न बन जाए कि जिसके ज़रिए हर प्रत्याशी अपनी जीत की संभावना को मज़बूत करे। फ्रांस में इस घटना से मध्यमार्गी दक्षिणपंथी और अतिवादी दक्षिणपंथी धड़ों के सबसे ज़्यादा फ़ायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
फ़्रांस की सोशलिस्ट सरकार के विरोधियों ने पेरिस में जनवरी और नवंबर 2015 के हमलों के बाद ओलांद सरकार के क्रियाकलापों पर सवाल उठाए थे। दूसरी ओर फ़्रांस के चरमपंथी दक्षिणपंथी राष्ट्रीय मोर्चा की ओर से राष्ट्रपति मैरिन लोपेन इस घटना से सबसे ज़्यादा फ़ायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी प्रकार राष्ट्री मोर्चा पार्टी भी पलायनकर्ताओं के ख़िलाफ़ है।
मध्यमार्गी दक्षिणपंथी पार्टी के नेता फ़्रांसवा फ़्यून के भी इस घटना से प्रचारिक लाभ उठाने की संभावना बढ़ गयी है क्योंकि उन पर बड़े वित्तीय घोटाले का आरोप है इसलिए उनकी ओर से जनमत के ध्यान को अपने और अपने परिजनों की ओर से हटाने के लिए पलायनकर्ताओं और ख़ास तौर पर मुसलमान पलायनकर्ताओं के मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाने की बहुत ज़्यादा संभावना है। (MAQ/T)