‘टू स्टेट’ समाधान के बारे में अमरीकी नीति चिंताजनक, फ़्रांस
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10 फ़रवरी 2017 को दक्षिण-पश्चिमी फ़्रांस के बियारिट्ज़ में भाषण देते हुए फ़्रांसीसी विदेश मंत्री जीन मार्क आर्यो
फ़्रांस ने फ़िलिस्तीन-इस्राईल विवाद से संबंधित तथा कथित ‘टू स्टेट’ समाधान के बारे में अमरीकी नीति को चिंताजनक बताया है।
फ़्रांसीसी विदेश मंत्री जीन मार्क आर्यो ने तथा कथित ‘टू स्टेट’ समाधान पर वॉशिंग्टन की प्रतिबद्धता से पीछे हटने पर अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की आलोचना की। फ़्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा कि इस विषय पर वाइट हाउस का दृष्टिकोण उलझाने और चिंता पैदा करने वाला है।
फ़्रांसीसी विदेश मंत्री ने गुरुवार को जर्मनी के बोन शहर में गुट-20 के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन से मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से कहा, “फ़िलिस्तीनी-इस्राइली मामले पर मुझे अमरीकी नीति अस्पष्ट व चिंताजनक लगी।”
फ़्रांसीसी विदेश मंत्री जीन मार्क आर्यो ने कहा, “मैं उन्हें, डॉनल्ड ट्रम्प और नेतनयाहू के बीच हुयी बैठक के बाद फ़्रांस के इस दृष्टिकोण को याद दिलाना चाहता था कि ‘टू स्टेट’ समाधान के अलावा कोई और विकल्प नहीं है और जो विकल्प श्री टिलरसन ने पेश किया वह अवास्तविक, असंतुलित व अनुचित था।”
आर्यो ने यह नहीं बताया कि अमरीकी विदेश मंत्री ने क्या विकल्प पेश किया था।
ग़ौरतलब है कि बुधवार को वॉशिंग्टन में ट्रम्प ने नेतनयाहू के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा है कि वह एक स्टेट पर आधारित समाधान का समर्थन करेंगे अगर दोनों पक्ष राज़ी हों।
इस्राइली बस्तियों का निर्माण ‘टू स्टेट’ समाधान के मार्ग में रुकावट
उधर जर्मन विदेश मंत्री ज़िगमार गैब्रिएल ने ज़ायोनी शासन की विस्तारवादी नीतियों की आलोचना करते हुए चेतावनी दी है कि फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में इस्राइली बस्तियों के निर्माण से दशकों से चले आ रहे फ़िलिस्तीन-इस्राईल विवाद के हल की संभावना क्षीण हो जाएगी।
गैब्रिएल ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, “हमें इस बात की चिंता है कि असीमित कॉलोनियों के निर्माण से ‘टू स्टेट’ समाधान असंभव हो जाएगा जिससे मध्यपूर्व में संभावित जंग सहित टकराव का ख़तरा बढ़ सकता है।” (MAQ/N)