मिस्र में राष्ट्रपति शासनकाल में वृद्धि की कोशिश
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मिस्र की संसद, देश में राष्ट्रपतिकाल में वृद्धि के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb २७, २०१७ १५:११ Asia/Kolkata

मिस्र की संसद, देश में राष्ट्रपतिकाल में वृद्धि के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।

मिस्र के एक सांसद इस्माईल नसरुद्दीन ने कहा है कि मिस्र में शासन व्यवस्था में बदलाव करने और राष्ट्रपति को अधिक अधिकार प्रदान करने को लेकर, एक हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।

यह अभियान ऐसी स्थिति में चलाया जा रहा है कि जब प्राप्त आंकड़ो के मुताबिक़, 70 प्रतिशत से अधिक मिस्र की जनता, वर्तमान राष्ट्रपति अब्दुल फ़ताह सीसी के राष्ट्रपति काल में वृद्धि की विरोधी है। मिस्र में संसदीय चुनाव सीसी के सत्ता संभालने के बाद आयोजित हुए थे। कहा जा रहा है कि अधिकांश सांसद मिस्री राष्ट्रपति के समर्थक हैं। अब्दुल फ़ताह सीसी के समर्थकों ने न केवल 2018 में चुनावों के लिए एक टीम का गठन किया है, बल्कि अब वे संविधान में संशोधन करके राष्ट्रपति काल में वृद्धि करने का प्रयास कर रहे हैं।

अब्दुल फ़ताह सीसी ने 2013 में निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की सरकार का तख़्तापलट करके सत्ता अपने हाथ में ले ली थी।

सीसी ने पिछले कुछ महीनों के दौरान, कुछ नए नियम बनाकर देश में नागरिक स्वतंत्रता को सीमित किया है और मिस्र के पूर्व तानाशाह हुसनी मुबारक के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं।

एक ओर सीसी और उनके समर्थक संविधान में बदलाव करके पूर्ण रूप से राजनीति पर निंयत्रण करने का प्रयास कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मिस्र क्षेत्र में अपनी साख क़ायम करने के लिए हाथ पैर मार रहा है और क्षेत्रीय देशों का विश्वास हासिल करने की कोशिश कर रहा है। ब्रिटेन समेत पश्चिमी देशों का समर्थन प्राप्त करने की कोशिश को भी इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।