मिस्री राष्ट्रपति ने सीरियाई सेना का समर्थन किया
जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने भी कहा कि सीरिया संकट का सैनिक समाधान नहीं है
मिस्री राष्ट्रपति ने जर्मन चांसलर से काहेरा में भेंट में कहा कि मिस्र इस सिद्धांत पर कटिबद्ध रहने के साथ कि वह सीरिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा, आतंकवादियों को समाप्त करने में इस देश की सेना का समर्थन करता है।
स्काई न्यूज़ के अनुसार मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फत्ताह अस्सीसी ने गुरूवार को जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल से काहेरा में संयुक्त प्रेस कांफ्रेन्स में कहा कि क्षेत्र में जो देश आतंकवाद का समर्थन कर रहे हैं उन्हें चाहिये कि वे आतंकवादियों का समर्थन बंद करें।
अस्सीसी ने सीरिया की राष्ट्रीय संप्रभुता और इस देश के पुनर्निर्माण पर बल देने के साथ आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों का आह्वान किया है कि वे आतंकवादियों का समर्थन बंद करें।
मिस्र के राष्ट्रपति ने इसी प्रकार कहा कि लीबिया में शांति की स्थापना से क्षेत्र और यूरोप में शांति स्थापित करने में सहायता मिलेगी और आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों को चाहिये कि वे इस देश में अपनी कार्यवाहियों को बंद करें।
जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने भी इस भेंट में कहा कि सीरिया संकट का सैनिक समाधान नहीं है और जर्मनी संयुक्त राष्ट्रसंघ की निगरानी में राजनीतिक ढंग से सीरिया संकट के समाधान के लिए किये जाने वाले प्रयासों का समर्थन करता है।
जर्मन चांसलर ने इसी प्रकार ग़ैर कानूनी पलायन से मुकाबले के बारे में वार्ता की। जर्मन चांसलर की मिस्र यात्रा से पहले एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मर्केल का आह्वान किया था कि वह मानवाधिकारों के बारे में भी मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फत्ताह अस्सीसी से वार्ता करें।
ज्ञात रहे कि जनता द्वारा चुने गये राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के सत्ता से हटा दिये जाने और अस्सीसी के सत्ता में आ जाने के बाद मिस्र में व्यापक पैमाने पर अशांति की घटनाएं हुई थीं और विरोधियों का दमन किया गया था। MM