2050 तक इस्लाम होगा दुनिया का सबसे बड़ा मज़हब
अनुसंधानिक केन्द्र प्यु ने अपनी ताज़ा सर्वे रिपोर्ट में कहा है कि इस्लाम सारी दुनिया में सबसे अधिक गति से फैलने वाला धर्म है और वर्ष 2050 तक यह दुनिया का सबसे अधिक अनुयाइयों वाला धर्म बन जाएगा।
वाशिंग्टन स्थित अनुसंधानिक केन्द्र प्यु ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस्लाम वर्ष 2050 के कुछ ही समय बाद ईसाइयत की जगह लेकर सबसे अधिक अनुयाइयों वाला धर्म बन जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2010 में दुनिया में मुसलमानों की संख्या लगभग 1 अरब 60 करोड़ थी जो दुनिया की कुल आबादी का 23 प्रतिशत है जबकि इस साल में ईसाइयों की संख्या 2 अरब 20 करोड़ अर्थात कुल आबादी का 31 प्रतिशत थी।
अनुसंधानिक संस्था ने अपनी रिपोर्ट में दुनिया के आबादी के ढांचे का धर्म के अनुरूप जायज़ा लेते हुए कहा है कि वर्ष 2050 में दो धर्म दुनिया में सबसे अधिक अनुयाइयों वाले बन जाएंगे और इसके बाद इस्लाम ईसाइयत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे अधिक अनुयाइयों वाला धर्म बन जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका कारण यह है कि ईसाई घरानों की तुलना में मुसलमान घरानों में बच्चों की संख्या अधिक होती है जबकि कुल मिलाकर मुसलमानों की आबादी में ईसाइयों की तुलना में युवाओं की संख्या अधिक है।
प्यु ने कहा है कि वर्ष 2050 तक यूरोप की दस प्रतिशत से अधिक आबादी मुसलमानों पर आधारित होगी। अमरीका में इस समय मुसलमानों की आबादी कुल जनसंख्या का 1 प्रतिशत है जो 2050 में ढाई प्रतिशत हो जाएगी।
प्यु ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस समय मुसलमानों की सबसे बड़ी आबादी इंडोनेशिया में बसती है लेकिन वर्ष 2050 तक भारत सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश बन जाएगा जहां मुसलमानों की संख्या 31 करोड़ होगी जो देश की कुल जनसंख्या के 18 प्रतशित से अधिक होगी।