आईफ़ोन और एंड्राइड सिस्टम अमरीकी जासूसी का जाल
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अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के पूर्व एजेंट ने कहा है कि आइफ़ोन और एंड्राइड सिस्टम में अमरीका की जासूसी का जाल है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar ०८, २०१७ ०९:२० Asia/Kolkata
  • आईफ़ोन और एंड्राइड सिस्टम अमरीकी जासूसी का जाल

अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के पूर्व एजेंट ने कहा है कि आइफ़ोन और एंड्राइड सिस्टम में अमरीका की जासूसी का जाल है।

एडवर्ड स्नोडेन ने कहा कि सीआई के हज़ारो ख़ुफ़िया दस्तावेज़ जो विकीलीक्स में नज़र आए हैं साबित करते हैं कि सीआईए आईफ़ोन और एंड्राइड सिस्टम वाले मोबाइल फ़ोन की वार्ता को रिकार्ड करती है।

विकीलीक्स ने मंगलवार को सीआईए के ख़ुफ़िया दस्तावेज़ों की पहली खेप प्रकाशित की है इसमें 9 हज़ार दस्तावेज़ शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार इन दस्तावेज़ों से पता चलता है कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए किस तरह साइबर जासूसी कर रही है और इसके लिए सीआईए आईफ़ोन सिस्टम, एंड्राइड सिस्टम, माइक्रोसाफ़्ट विंडोज़ यहां तक कि सैमसंग के टीवी की हैकिंग का रास्ता इस्तेमाल कर रही है।

जासूसी का यह जाल सारी दुनिया में बिछा हुआ है।

एडवर्ड स्नोडेन ने विकीलीक्स की वेबसाइट पर प्रकाशित होने वाले दस्तावेज़ों के बारे में लिखा कि यह दस्तावेज़ साबित करते हैं कि सीआईए मोबाइल फ़ोन से होने वाली वार्ता की टैपिंग करती है।

स्नोडेन अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के लिए काम करते थे। वह वर्ष 2013 में हवाई से भाग कर हांगकांग चले गए और उन्होंने अमरीका के हज़ारों ख़ुफ़िया दस्तावेज़ पत्रकारों को सौंप दिए। स्नोडेन ने अमरीकी पासपोर्ट कैंसिल हो जाने के बाद रूस में शरण ले ली।

अमरीका के अधिकारी कई बार रूस से स्नोडेन के प्रत्यर्पण की मांग कर चुके हैं।