अफ़ग़ान तालेबान से रूस की वार्ता की पुष्टि
नैटो में रूस के प्रतिनिधि एलेक्ज़ेन्डर गुरुश्कोव ने अफ़ग़ान तालेबान के साथ मास्को की वार्ता की पुष्टि की है।
रूसी अधिकारी ने कहा कि मास्को तालेबान के संपर्क में है और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में वर्णित सिद्धांतों के आधार पर अफ़़गानिस्तान की राष्ट्रीय शांति वार्ता में शामिल होने के लिए उनको प्रेरित करने का प्रयास कर रहा है।
नैटो में रूस के प्रतिनिधि ने कहा कि इन सिद्धांतों और क़ानूनों में अफ़ग़ानिस्तान के संविधान का सम्मान, सशस्त्र कार्यवाहियों से बचना और अलक़ायदा व अन्य आतंकवादी गुटों से संपर्क समाप्त करना शामिल है। नैटो में रूस के प्रतिनिधि ने इसी प्रकार यूरोप में नैटो के सैन्य कामन्डर कोरटेस स्कारोपारूती के दावे को जिसमें उन्होंने तालेबान के लड़ाकों को सशस्त्र करने और तालेबान का समर्थन करने का मास्को पर आरोप लगाया है, रद्द करते हुए कहा कि मास्को ने नैटो के इस अधिकारी के बयान पर अपनी आधिकारिक आपत्ति दर्ज करा दी है।
नैटो में रूस के इस अधिकारी ने अफ़ग़ान तालेबान के साथ वार्ता की एेसी स्थिति में पुष्टि की है कि अफ़ग़ानिस्तान की शांति प्रक्रिया में मास्को के शामिल होने से काबुल से साथ उसके संबंधों को अपनी पटरी रखना कठिन हो गया है क्योंकि तालेबान से संपर्क और उससे वार्ता करने के मास्को के क़दम पर काबुल सरकार आपत्ति जता चुकी है।
इससे पहले पाकिस्तान और चीन की उपस्थिति में त्रिपक्षीय अफ़़गान शांति वार्ता का आयोजन मास्को ने किया जिसमें अफ़ग़ान सरकार को निमंत्रण नहीं दिया गया जिस पर काबुल सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और कहा कि अफ़ग़ान सरकार के बिना, अफ़़गान शांति वार्ता का आयोजन बेकार है। फ़रवरी में भी मास्को ने छह पक्षीय वार्ता का आयोजन किया जिसमें अफ़ग़ान सरकार को आमंत्रित करके पिछली ग़लतियों की भरपाई का प्रयास किया। वास्तविकता यह है कि अफ़ग़ानिस्तान के बारे में रूस की नीति क्या है यह अभी तक पता ही नहीं चल सका है क्योंकि उसने अफ़़गानिस्तान के बारे में अर्ध गुप्त नीति अपना रखी है। (AK)