चीन में इस्लाम विरोधी भावनाएं शिखर पर
चीन में मुस्लिम बाहुल इलाके में मुसलमानों का दमन ज़बरदस्त तरीक़े से किया जा रहा है। मुसलमानों पर सख्ती की जा रही है और उनपर नए-नए क़ानून लादे जा रहे हैं।
चीन के शिनयांग प्रांत में मस्जिदों में नमाज पढ़ने और रोज़ा रखने पर प्रतिबंध तो पहले से ही चल रहा था अब असामान्य दाढ़ी रखने और सार्वजनिक स्थानों पर मुस्लिम महिलाओँ के नकाब पहनने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
वहां पर नई मस्जिदों के निर्माण पर रोक लगा दी गई है। नए क़ानून के अनुसार नियम न मानने वालो पर देशद्रोह का केस चलेगा। बुधवार को चीनी सरकार ने नया फरमान जारी किया जिसमें कहा गया कि मुस्लिम आबादी को धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी अब से चीनी सरकार को देनी होगी। अगर ऐसा नहीं किया गया तो इसे देशद्रोह माना जाएगा।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपी खबर के अनुसार मुसलमानों को अपने धार्मिक और सांस्कृतिक क्रियाकलापों के बारे में अबसे पूरी जानकारी स्थानीय प्रशासन को देनी होगी। इन धार्मिक क्रियाकलापों में ख़तना, निकाह और अंतिम-संस्कार आदि शामिल हैं।
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार चीन के सोशल मीडिया में इस्लाम विरोधी भावनाएं तेजी से पनप रही हैं और ये आग शिनजियांग प्रांत से बाहर पूरे देश में फैलने लगी है। चीन में मुसलमानों पर इतनी सख्ती शिनजियांग प्रांत में हो रही है। शिनजियांग प्रांत वही क्षेत्र है जहां चीन में सबसे ज्यादा मुसलमान रहते हैं।