सीपैक कांफ़्रेंस आरंभ, भारत का बहिष्कार, दुनिया के 60 देश मौजूद
चीन के राष्ट्रपति शि चिनपिंग बिजिंग में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए बेल्ट एंड रोड फ़ोरम के उद्धाटन भाषण में एक बेल्ट एक सड़क योजना को शताब्दी की सबसे बड़ी योजना बताया और कहा कि इस योजना से दुनिया भर के लोगों को लाभ पहुंचेगा।
उनका कहना था कि “एक क्षेत्र एक सड़क” व्यापक और स्थाई विकास की योजना पेश करता है जो क्षेत्र के समस्त देशों के संयुक्त विकास और आवश्यकता को दृष्टिगत रखता है।
उन्होंने कहा कि चीन दुनिया भर के लगभग 60 देशों और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर बेल्ट एंड रोड योजना आरंभ करेगा। दूसरी ओर भारत ने सी पैक बैठक में भाग नहीं लिया है।
दूसरी ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का कहना है कि चीन की एक बेल्ट एक रोड योजना, क्षेत्र के समस्त देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और यह योजना आने वाली पीढ़ियों के लिए उपहार है।
बीजिंग में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए बेल्ट एंड रोड फ़ोरम समारोह में भाषण देते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ का कहना था कि चाइना – पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर अर्थात सी पैक, वन बेल्ट वन रोड योजना का महत्वपूर्ण भाग है जो सीमाओं की प्रतिबद्ध नहीं है और इस योजना से क्षेत्र के समस्त देशों सहित दुनिया के 65 देश लाभ उठा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चीन में बेल्ट एंड रोड फ़ोरम का आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर है और हम एक क्षेत्र एक सड़क विजन की सफलता की स्वीकारोक्ति के लिए यहां एकत्रित हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने समारोह में कहा कि पाकिस्तान में इस कॉरिडोर के बुनियादी ढांचे की योजना, तेज़ी से पूरी हो रही हैं और ऐसी योजना निर्धनता की समाप्ति का कारण बनेंगी।
भारत के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बाग्ले ने एक बयान में कहा कि भारत सरकार ने सी पैक योजना पर आपत्ति जताते हुए इस बैठक में वरिष्ठ स्तर पर भाग न लेने का फ़ैसला किया है। भारत इस बैठक में भाग न लेकर चीन को यह संदेश देना चाहता है कि कश्मीर हमारा है और इसका पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है।
ज्ञात रहे कि 14 मई से आरंभ होने वाली कांफ़्रेंस में 29 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भाग ले रहे हैं जबकि कांफ़्रेंस के दौरान प्रमुखों की गोल मेज़ कांफ़्रेंस और उच्चस्तर की वार्ताएं भी होंगी। (AK)