मैनचेस्टर हमला खतरनाक आतंकवादी हमला हैः टेरीज़ा मे
https://parstoday.ir/hi/news/world-i42322-मैनचेस्टर_हमला_खतरनाक_आतंकवादी_हमला_हैः_टेरीज़ा_मे
मैनचेस्टर हमले में बड़े पैमाने पर होने वाली जानी तबाही से ब्रिटेन के लोगों को बड़ा झटका लगा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २३, २०१७ १४:५६ Asia/Kolkata

मैनचेस्टर हमले में बड़े पैमाने पर होने वाली जानी तबाही से ब्रिटेन के लोगों को बड़ा झटका लगा है।

ब्रिटेन की पुलिस ने घोषणा की है कि सोमवार की रात को मैनेचेस्टर में जो विस्फोट हुआ था उसका कारण अभी ज्ञात नहीं है और उसने कहा है कि इसके आतंकवादी होने की संभावना है।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थ्रेज़ा मे ने इस विस्फोट की भर्त्सना करते हुए उसे खतरनाक आतंकवादी हमले की संज्ञा दी है।

मौजूद साक्ष्यों के दृष्टिगत प्रतीत यह हो रहा है कि ब्रिटेन को एक बार फिर आतंकवादी हमलों का सामना है और इस संबंध में सबल विचार यह है कि यह आत्मघाती हमला था।

मार्च वर्ष 2017 में लंदन में आतंकवादी हमले के बाद इस देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के बावजूद ब्रिटेन को एक बार फिर आतंकवादी हमले का सामना है और इस हमले में बड़े पैमाने पर होने वाली जानी तबाही के दृष्टिगत आठ जून को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले इससे ब्रिटेन के लोगों को बड़ा झटका लगा है।

मैनचेस्टर में होने वाले आतंकवादी हमले की विभिन्न पहलुओं से समीक्षा की जानी चाहिये। पहला यह कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से निकलने के संबंध में वार्ता आरंभ होने वाली है और इस बात में कोई संदेह नहीं है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से निकल जाने का एक परिणाम इस देश की सुरक्षा स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव है।

अब यह बात पूरी तरह स्पष्ट हो गयी है कि यूरोपीय संघ से निकलने के बाद ब्रिटेन की सुरक्षा पर गम्भीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। क्योंकि मैनचेस्टर में होने वाले आतंकवादी हमले ने संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार करने और उनके हमलों को निष्क्रिय बनाने में ब्रिटेन के सुरक्षा तंत्र की कमज़ोरी को दर्शा दिया है।

इस हमले के संबंध में एक अन्य विचार यह है कि सीरिया और इराक में लड़ने वाले बहुत से यूरोपीय देशों के नागरिक अब अपने अपने देशों को लौट रहे हैं और वे ही इन देशों में आतंकवादी हमलों को अंजाम दे रहे हैं और बाद में दाइश इन हमलों की ज़िम्मेदारी ले लेता है।

ब्रिटेन सहित यूरोपीय देशों के अधिकारी दाइश के खतरे के बारे में जो बातें कर रहे हैं उसे इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिये। MM