यूरोप में पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र बाल
https://parstoday.ir/hi/news/world-i42774-यूरोप_में_पैग़म्बरे_इस्लाम_के_पवित्र_बाल
बोस्निया व हिर्ज़ेगोविना के शहर ट्राविनिक में पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुसतफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम की दाढ़ी का एक बाल बड़ी सुरक्षा के साथ रखा गया है और श्रद्धालु उसकी ज़ियारत के लिए जाते हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May ३०, २०१७ १५:३४ Asia/Kolkata
  • यूरोप में पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र बाल

बोस्निया व हिर्ज़ेगोविना के शहर ट्राविनिक में पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुसतफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम की दाढ़ी का एक बाल बड़ी सुरक्षा के साथ रखा गया है और श्रद्धालु उसकी ज़ियारत के लिए जाते हैं।

कहा जाता है कि उसमानी शासन काल में यह बाल इस शहर को उपहार स्वरूप दिया गया था। योगोस्लाविया के काल में तत्कालीन शासन ने बड़ी कोशिश की कि स्थानीय मुसलमान इस क़ीमती आध्यात्मिक धरोहर को भूल जाएं लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली।

तुर्की का समाचार एजेंसी अनाज़ोल इस बाल के चित्र लेने में सफल हो गई। स्थानीय लोगों ने लगभग पचास साल से बड़ी मेहनत से इस पवित्र धरोहर की सुरक्षा की और इसे योगोस्लाविया शासन से छिपा कर रखा इस लिए कि इस बात का डर था कि यह शासन इस मूल्यवान धरोहर को नष्ट करने का प्रयास करे।

बोस्निया हिर्ज़ेगोविना में भी बहुत कम ही लोगों को इस मूल्यवान धरोहर की जानकारी है।

दस्तावेज़ों के अनुसार उसमानी शासन काल में स्थानीय कमांडर सुलमान पाशा के लिए पैग़म्बरे इस्लाम का दाढ़ी के दो बाल उपहार के रूप में भेजे गए थे इस लिए कि इस कमांडर ने यूरोपीय महाद्वीप में उसमानी शासन की बड़ी सेवा की थी।

उसमानी जनरल ने दाढ़ी के यह दो बाल ट्राविनिक शहर की आलाजा मस्जिद में रखवाया और जिस जगह यह दो बाल रखे गए थे उसे श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक अवसरों पर खोल दिया जाता था।

योगोस्लाविया शासन ने अपने काल में मुसलमानों के लिए इस स्थान को पूरी तरह बंद करवा दिया लेकिन स्थानीय मुसलमानों ने बड़ी मेहनत से और जान पर खेल कर इस धरोहर की रक्षा की। अलबत्ता इस बीच अधिकतर मुसलमान इस मूल्यवान धरोहर को भूल गए इस लिए कि जिन लोगों ने इसकी रक्षा की उन्होंने इसे गुप्त रखा और योगोस्लाविया शासन का हाथ वहां तक नहीं पहुंचने दिया। वर्ष 1992 से 1995 के बीच बोस्निया युद्ध के दौरान भी इस पवित्र अमानत की रक्षा की गई और उस संदूक़ को भी बचाकर रखा गया जिसमें यह दोनों बाल उसमानी जनरल के लिए भेजे गए थे।

अनाज़ोल समाचार एजेंसी से बातचीत में ट्राविनिक शहर की अलाजा मस्जिद के इमाम जमाएल इब्रानोविट्ज़ ने बताया कि बोस्निया के मुसलमानों को पैग़म्बरे इस्लाम तथा उनके साथियों से गहरी श्रद्धा है। मस्जिद के इमाम ने बताया कि उसमानी शासन ने अपने काल में बोस्निया व हिर्ज़ेगोविना के तीन अलग अलग स्थानों के लिए पैग़म्बरे इस्लाम की पवित्र दाढ़ी के बाल उपहार स्वरूप भेजे थे और स्थानीय लोग उस जगह की ज़ियारत के लिए जाते थे जहां यह बाल रखे गए थे। इमाम के अनुसार यह परम्परा ट्राविनिक शहर पर धर्म विरोधी तत्वों का कब्ज़ा हो जाने तक जारी रही। अलबत्ता इस काल में भी इन पवित्र अमानतों की रक्षा की जाती रही। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सरकार एक बार फिर चाहती है कि इन पवित्र स्थलों को खोला जाए ताकि श्रद्धालु वहां आज़ादी के साथ जा सकें। मस्जिद के इमाम का कहना है कि यूरोप की धरती पर इस पवित्र धरोहर का मौजूद होना हम यूरोपीय मुसलमानों के लिए बहुत अधिक महत्व रखता है।