टेरीज़ा मे की नीतियों से बेरोज़गारी बढ़ीः इन्डीपेंडेंट
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री "टेरीज़ा मे" की देश में पलायनकर्ताओं के प्रवेश को रोकने और एक वर्ष में इनकी संख्या एक लाख तक पहुंचाने की योजना से देश में बेरोज़गारी में वृद्धि हई है।
ब्रिटिश समाचार पत्र इन्डीपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार The Migration Matters Trust दा माइग्रेशन मैटर्स ट्रस्ट की ओर से कराए गये सर्वेक्षण के आधार पर पलायनकर्ताओं के प्रवेश पर रोक के कारण ब्रिटेन में बहुत से उद्योग में साधारण मज़दूरों की कमी हो गयी है जिसके कारण बहुत से उद्योग ठप्प हो गये हैं और इसके परिणाम में देश में बेरोज़गारी में वृद्धि हुई है।
इस रिपोर्ट के आधार पर ब्रिटेन के श्रमिकों को आर्थिक विकास में कम से सबसे अधिक नुक़सान हो रहा है क्योंकि इसके परिणाम में देश में श्रमिकों की संख्या में बहुत अधिक कमी पैदा होगी।
ब्रिटेन के राजनेताओं, व्यापारियों और ब्रिटिश व्यापारिक संघ से मिलकर बने The Migration Matters Trust दा माइग्रेशन मैटर्स ट्रस्ट ने सीधे तौर पर शरणार्थियों के मुद्दे और इस मामले को बेरोज़गारी से जोड़कर देखा और पिछले दस वर्ष में देश में बढ़ते बेरोज़गारी के स्तर पर अपनी एक रिपोर्ट पेश की।
यह गुट ब्रिटेन में शरणार्थियों के प्रवेश को कम करने की नीति का सबसे बड़ा विरोध है। इस गुट की ओर से कराए गये सर्वेक्षण के आधार देश में शरणार्थियों के प्रवेश पर रोक लगाने से वर्तमान समय में देश में बेरोज़ारों की संख्या 16 लाख हो गयी है जबकि यह संख्या 31 लाख तक पहुंचेगी।
यह एेसी स्थिति में है कि ब्रिटेन में 1980 के दशक के मध्य में अर्थात मार्गेट थेचर के शासन काल से अब तक बेरोज़गाी का स्तर कभी भी इस सीमा पर नहीं रहा है। (AK)