टेरीज़ा मे अपने ही दांव में फंसी
टेरीज़ा मे अपने ही दांव में फंसी
ऐसी हालत में जब कन्ज़र्वेटिव पार्टी और टेरीज़ा मे को इस बात की उम्मीद थी कि समय पूर्व कराए गए संसदीय चुनाव में उन्हें स्पष्ट बहुमत मिलेगा, चुनावी नतीजे कन्ज़र्वेटिव पार्टी के लिए चौकाने वाले साबित हुए क्योंकि समय पूर्व कराए गए चुनाव में सत्ताधारी कन्ज़र्वेटिव पार्टी के हाथ से बहुमत निकल गया। समय पूर्व चुनाव कराने का दांव टेरीज़ा मे ने खेला था लेकिन चुनावी नतीजा यह दर्शाता है कि मे अपने ही दांव में फंस गयीं। इस समय टेरीज़ा मे के सामने त्रिशंकु संसद है जिसमें किसी भी दल को सरकार के गठन के लिए ज़रूरी 326 सीटें नहीं मिली हैं। कन्ज़र्वेटिव पार्टी को 318 सीटें मिली हैं जबकि इसकी प्रतिद्वंदवी पार्टी लेबर पार्टी को 262 सीटें मिली हैं। यह ऐसी हालत में है कि कुछ विपक्षी नेता टेरीज़ा मे से सत्ता से हटने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनका कहना है कि वे स्थिरता व सुरक्षा क़ायम करने के लिए सत्ता में बनी रहेंगी।
टेरीज़ा मे रानी एलिज़ाबेथ से मिलने के बाद सरकार गठन की कोशिश करेंगी।
ब्रितानी संसदीय चुनाव के नतीजे को टेरीज़ा मे की बहुत बड़ी हार के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने समय पूर्व चुनाव कराने का बड़ा राजनैतिक दांव ऐसी हालत में चला कि उन्हें अपनी सफलता का पूरा विश्वास था लेकिन अब वे गठबंधन सरकार बनाने पर मजबूर हैं। गठबंधन सरकार की स्थिति में कन्ज़र्वेटिव पार्टी को योरोपीय संघ की सदस्यता से ब्रिटेन को बाहर निकलने की वार्ता सहित अपने दृष्टिगत योजनाओं को आगे बढ़ाने में बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
वास्तव में टेरीज़ा मे के राजनैतिक जुए का नतीजा न सिर्फ़ उनकी हार व उनकी स्थिति के कमज़ोर होने के रूप में सामने आया बल्कि एक बार फिर चुनावी नतीजे ने यह दर्शा दिया कि ज़्यादा तर ब्रितानी नागरिक देश की मौजूदा हालात व राजनीति से अप्रसन्न हैं।(MAQ/T)