हश्दुश्शाबी का समर्थन देश का दायित्व हैः इराकी प्रधानमंत्री
दाइश के समर्थक हश्दुश्शाबी पर आरोप मढ़ कर अब उससे प्रतिशोध लेने की चेष्टा में हैं।
इराकी प्रधानमंत्री ने बल देकर कहा है कि स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी एक निष्पक्ष व बुनियादी सुरक्षा संगठन है और उसका समर्थन देश का दायित्व है।
हैदर अलएबादी ने बल देकर कहा है कि स्वयं सेवी बल इराकी समाज से अस्तित्व में आया है और वह सरकार में बाक़ी रहेगा।
इराकी प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसी स्थिति में सामने आ रहा है जब इराक में आतंकवादी गुट दाइश के समर्थक पश्चिमी व अरब देशों के समस्त षडयंत्रों पर पानी फिर गया और अब ये देश हश्दुश्शाबी के ख़त्म करने की बात कर रहे हैं।
इस बात में कोई संदेह नहीं है कि आतंकवादियों के समर्थक अविश्वसनीय ढंग से अपने एजेन्ट दाइश की पराजय के साक्षी थे और अब वे अच्छी तरह समझ गये हैं कि इस पराजय का एक मूल कारण इराक के स्वयं सेवी बल हैं जिन्होंने आतंकवादी गुट दाइश का जमकर मुकाबला किया।
इराक के राजनीतिक मामलों के एक विशेषज्ञ ख़ज़ीर ख़ज़ाई कहते हैं कि अगर इराक के स्वयं सेवी बल न होते तो निश्चित रूप से इराक का राजनीतिक नक्शा बदल जाता।
हश्दुश्शाबी बनने से पहले आतंकवादियों ने पश्चिमी व कुछ क्षेत्रीय देशों के समर्थन और इसी प्रकार कुछ इराकी तत्वों के विश्वासघात के कारण इस देश के बड़े भाग पर क़ब्ज़ा कर लिया था परंतु हश्दुश्शाबी के बनने के बाद और इराकी सेना से उनके मिल जाने के बाद व्यवहारिक रूप से आतंकवादियों और उनके समर्थकों के षडयंत्रों पर पानी फिर गया।
इसी वजह से दाइश के समर्थक हश्दुश्शाबी पर आरोप मढ़ कर अब उससे प्रतिशोध लेने की चेष्टा में हैं।
इराकी मामलों के एक अन्य विशेषज्ञ अहमद अलअसदी ने कहा है कि इराकी संसद में हश्दुश्शाबी के पक्ष में जो प्रस्ताव पारित हुआ है वह एक राष्ट्रीय क़दम और कानून के अनुसार था। उन्होंने कहा कि हश्दुश्शाबी किसी एक गुट का प्रतिनिधि नहीं बल्कि पूरे इराक का प्रतिनिधि है।
ज्ञात रहे कि लगभग सात महीने पहले इराकी संसद में एक प्रस्ताव पारित हुआ था जिसमें स्पष्ट बहुमत से हश्दुश्शाबादी के “स्वयं सेवी सेना” होने के पक्ष में मतदान किया गया था। MM