वह तीन मिसाइल जिनसे उड़ गई अमरीका और घटकों की नींद
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तीन बैलिस्टिक मिसाइल एसे फ़ायर किए गए हैं जिनसे अमरीका तथा उसके घटकों की नींद हराम हो गई है। इस लिए कि इन तीनों मिसाइलों से शक्ति के संतुलन पर स्ट्रैटेजिक प्रभाव पड़ेंगे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul ३१, २०१७ १२:०९ Asia/Kolkata
  • वह तीन मिसाइल जिनसे उड़ गई अमरीका और घटकों की नींद

तीन बैलिस्टिक मिसाइल एसे फ़ायर किए गए हैं जिनसे अमरीका तथा उसके घटकों की नींद हराम हो गई है। इस लिए कि इन तीनों मिसाइलों से शक्ति के संतुलन पर स्ट्रैटेजिक प्रभाव पड़ेंगे।

एक मिसाइल यमन का है जिसे अंसारुल्लाह आंदोलन ने फ़ायर किया। बिरकान1 नाम का यह मिसाइल सऊदी अरब के ताएफ़ नगर में स्थित किंग फ़हद वायु छावनी पर मारा गया। दूसरा मिसाइल ईरान का है जो सैटैलाइट लेकर पांच सौ किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकता है। तीसरा मिसाइल उत्तरी कोरिया का अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल है जिसे इस देश के शासक किम जोंग ऊन की निगरानी में फ़ायर किया गया।

एक संयुक्त बिंदु है जो तीनों मिसाइलों तथा प्रक्षेपण की परिस्थितियों को जोड़ता है। यह संयुक्त बिंदु उन देशों की प्रवृत्ति है जिन्होंने यह मिसाइल फ़ायर किए हैं। इन देशों का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम अमरीका के लिए ख़तरा है तथा यह एसे देश हैं जो अमरीका तथा उसके घटकों के विरोधी मोर्चे से संबंध रखते हैं।

अमरीका ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के जवाब में  ईरान के छह कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए। उत्तरी कोरिया के मिसाइल के जवाब में अमरीका ने दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त अभ्यास किया।

उत्तरी कोरिया ने अमरीका की इस हरकत पर यह किया कि मिसाइल परीक्षण जारी रखा और इस देश के शासक ने कहा कि अमरीका हमारे मिसाइलों की रेंज में है।

अमरीकी प्रतिबंधों का जवाब ईरान ने यह दिया कि इस देश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दो टूक अंदाज़ में कहा कि ईरान पूरी ताक़त के साथ बैलिस्टिक मिसाइलों का कार्यक्रम जारी रखेगा, यह हमारा आंतरिक मामला है जिसमें हस्तक्षेप का अधिकार किसी को भी नहीं है।

यह सही है कि अमरीका के पास एफ़-16 एफ़ -15 और एफ़-35 युद्धक विमान हैं लेकिन दूसरे मोर्चे ने एसे मिसाइल विकसित कर लिए हैं कि अमरीकी बस्तियां उनके निशाने पर आ गई हैं यही वजह है कि अमरीका की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है क्योंकि उसका सैनिक वर्चस्व ढहता जा रहा है।

ईरान ने प्रतिबंधों के जवाब में कहा है कि वह मिसाइल कार्यक्रम जारी रखेगा तो इसका मतलब यह है कि ईरान एसे मिसाइल भी बना सकता है जो अमरीकी शहरों तक पहुंच सकते हों।

ईरानी, यमनी और कोरियाई मिसाइल बहुत स्ट्रैटेजिक प्रतिरोध की निशानी हैं जो शायद शक्ति का संतुलन पूरी तरह बदल सकते हैं। इनसे अमरीका तथा उसके घटकों के लिए अब किसी को घुड़की देना आसान नहीं रह जाएगा। यह दुनिया के कमज़ोरों के हथियार हैं जो शायद बहुतों के लिए बड़ा महत्वपूर्ण परिवर्तन माने जाएंगे।

साभार रायुल यौम