उत्तरी कोरिया की मिसाइल ताक़त पर अमरीका में नई बहस
अमरीका की न्यूज़ वीक मैगज़ीन ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें यह बताया गया है कि अमरीका और जर्मनी के विशेषज्ञ उत्तरी कोरिया के अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल के बारे में अपने अध्ययन में इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि उत्तरी कोरिया ने अमरीका को निशाना बनाने की ताक़त हासिल कर ली है।
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तरी कोरिया ने जुलाई में जिन मिसाइलों का परीक्षण किया है उन पर छोटे परमाणु वार हेड फ़िट हो सकते हैं।
मैसाच्यूसेट्स टेक्नालोजी फ़ाउंडेशन के विशेषज्ञ टेड बूस्टल ने जर्मन विशेषज्ञों मार्कोस शेलर और राबर्ट श्मोकर के साथ मिलकर यह अध्यय किया है और अपनी संयुक्त रिपोर्ट में कहा है कि उत्तरी कोरिया ने जिन मिसाइलों का परीक्षण किया है उन पर फ़िट किए गए वार हेड संपूर्ण परमाणु वारहेड की तुलना में छोटे थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि उत्तरी कोरिया ने जो वार हेड मिसाइल पर चढ़ाया था वह काफ़ी छोटा और हल्का था जिसके कारण यह मिसाइल अधिक ऊंचाई तक जाने में सफल रहा।
उत्तरी कोरिया ने हाल ही में एलान किया था वह एक साथ तीन मिसाइल फ़ायर कर सकता है जो प्रशांत महासागर में अमरीका के गुआम द्वीप को निशाना बना सकते हैं। उत्तरी कोरिया ने यह भी कहा कि वह इस द्पीप से 30 से 40 किलोमीटर दूरी पर यह मिसाइल गिराएगा ताकि अमरीका को यह वार्निंग मिल जाए कि उत्तरी कोरिया के ख़िलाफ़ यदि उसने कोई हरकत की तो ख़तरनाक परिणाम निकल सकते हैं।
इन विशेषज्ञों ने भले ही उत्तरी कोरिया की मिसाइल क्षमता को कम आंका हो लेकिन अमरीका में बहुत से विशेषज्ञों ने यह माना है कि उत्तरी कोरिया से यदि अमरीका भिड़ता है तो अमरीका को भारी नुक़सान उठाना पड़ सकता है। इस लिए अमरीका को चाहिए कि वह उत्तरी कोरिया को किसी भी तरह कमज़ोर न समझे।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने उत्तरी कोरिया को परमाणु हमले की धमकी दी थी जिस पर उत्तरी कोरिया ने गुआम द्वीप को निशाना बनाने पर विचार करने की घोषणा की थी। इसके बाद अमरीका के भीतर ट्रम्प की पार्टी की ओर से भी ट्रम्प का विरोध होने लगा कि वह अपने पागलपन भरे बयानों से अमरीका की साख को नुक़सान पहुंचा रहे हैं।