म्यांमार का राजदूत पाकिस्तान के विदेशमंत्रालय में तलब
https://parstoday.ir/hi/news/world-i48837-म्यांमार_का_राजदूत_पाकिस्तान_के_विदेशमंत्रालय_में_तलब
पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जनजूआ ने म्यांमार के राजदूत यू विन माइंट को विदेशमंत्रालय में तलब करके रोहिंग्या मुसलामानों पर जारी अत्याचार के विरुद्ध कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep ०९, २०१७ १९:२० Asia/Kolkata
  • म्यांमार का राजदूत पाकिस्तान के विदेशमंत्रालय में तलब

पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जनजूआ ने म्यांमार के राजदूत यू विन माइंट को विदेशमंत्रालय में तलब करके रोहिंग्या मुसलामानों पर जारी अत्याचार के विरुद्ध कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

पाक विदेशमंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार पाकिस्तान ने म्यांमार के राख़ीन प्रांत में जारी रोहिंग्या मुसलमानों पर होने वाले अत्याचारों पर कड़ी आपत्ति की।

विदेश सचिव ने म्यांमार के राजदूत से रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध जारी अत्याचार को समाप्त करने के बारे में उचित कार्यवाही की मांग की।

बयान के अनुसार विदेश सचिव ने म्यांमार के राजदूत से राख़ीन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों को सुरक्षा उपलब्ध कराना, अधिकारों की रक्षा और बिना भेदभाव और बिना किसी भय के स्थानांतरण की अनुमति देने की भी मांग की।

पाकिस्तान के विदेशमंत्रालय ने म्यांमार के राजदूत से मांग की है कि रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध जारी अत्याचार की जांच कराई जाए और उनकी हत्या में लिप्त लोगों को सज़ाएं दी जाए।

राख़ीन प्रांत में जारी विवाद के स्थाई हल के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के पूर्व महासचिव कूफ़ी अन्नान के कमीशन की सिफ़ारिशों पर तुरंत अमल की मांग की गयी।

ज्ञात रहे कि इस कमीशन की सिफ़ारिशों में म्यांमार के राख़ीन प्रांत में मतभेद समाप्त करने के लिए त्वरित कार्यवाही, शांति बहाल रखने, निष्पक्ष रूप से प्रभावित लोगों तक पहुंच और नागरिकता के मुद्दे को हल करने पर आधारित सुझाव भी शामिल हैं।

म्यांमार के राजदूत ने पाक विदेश सचिव को विश्वास दिलाया कि वह म्यांमार की सरकार तक पाकिस्तानी सरकार और जनता की चिंताओं को पहुंचाएंगे।

उल्लेखनीय है कि राख़ीन प्रांत में सेना की छावनी पर अज्ञात लोगों के हमले के बाद सुरक्षा बलों ने रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध कार्यवाही आरंभ कर दी थी। म्यांमार की सेना की कार्यवाही में अब तक 400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। कुछ ग़ैर सरकारी आंकड़ों के अनुसार इन हमलों में 1000 से अधिक लोग मारे गये हैं। (AK)