युद्ध मानव अधिकारों को नकारने का नाम है: पॉप फ्रांसिस
कैथोलिक ईसाईयों के सबसे बड़े धर्मगुरू पॉप फ़्रांसिस ने कहा है कि युद्ध का अर्थ है कि आप मानव अधिकारों को पूरी तरह से नकार रहे हैं।
गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से पहले अपने संदेश में, पॉप फ़्रांसिस ने कहा कि वैश्विक नेताओं को विभिन्न देशों के बीच युद्ध को रोकना चाहिए।
पॉप फ्रांसिस के बयान में कहा गया है कि विचारधारा का उपयोग वास्तव में युद्ध को भड़काने और धोखाधड़ी का नाम है।
पॉप ने अपने संदेश में, युद्ध की शुरुआत में राजनेताओं और हथियारों के व्यापारियों की भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमें अपनी ग़लतियों को पहचानना चाहिए और उनको दोहराने से बचना चाहिए।
पॉप फ्रांसिस का यह संदेश ऐसे समय आया है कि जब अमेरिका, पश्चिमी देश और उसके अरब सहयोगी मध्यपूर्व में युद्ध की आग भड़काने में सबसे आगे हैं। ज्ञात रहे कि आज इराक़, यमन और सीरिया जो युद्ध की आग से जल रहे हैं इसमें सबसे ज़्यादा भूमिका अमेरिका और उसके पश्चिमी व अरब देशों की है। (RZ)