उत्तर कोरियाई नेता पर जैविक हमले की अमरीकी साज़िश नाकाम
अमरीका और उसके मुख्य सहयोगी, दक्षिण कोरिया ने इस साल के शुरू में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन पर जैविक और रासायनिक हमला करने की साज़िश रची थी।
प्योंगयांग का कहना है कि उसने अमरीका और दक्षिण कोरिया की इस साज़िश को नाकाम बना दिया था।
उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज़ एजेंसी केसीएनए ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा करते हुए कहा है कि वाशिंगटन आतंकवाद के ख़िलाफ़ तथाकथित युद्ध का इस्तेमाल अपनी विरोधी सरकारों को गिराने के लिए करता है।
केसीएनए ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि सीआईए के आदेश पर इस साल मई के महीने में ख़तरनाक आतंकवादियों के एक दल ने उत्तर कोरिया में घुसपैठ की थी और देश के वरिष्ठ नेता पर जैविक हमले के लिए सरकार प्रायोजित आतंकवाद का इस्तेमाल करने की साज़िश रची थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे स्पष्ट होता है कि आतंकवाद के पीछे असली अपराधी अमरीका है।
केसीएनए का कहना है कि सरकारों को गिराने के अपने अपराध को सही ठहराने के लिए अमरीका "गिरगिट" की तरह रंग बदलता है।
रिपोर्ट में इराक़ और लीबिया का उदाहरण पेश किया गया है, जिन्होंने अपने परमाणु कार्यक्रमों को बंद कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद अमरीका ने उन पर हमला कर दिया। msm