पाकिस्तान में आतंकवाद पड़ोस में विदेशी हस्तक्षेप का परिणाम हैः इस्लामाबाद
संयुक्त राष्ट्र संघ में पाकिस्तान की दूत ने कहा है कि उनके देश ने नए क़दम उठा कर आतंकवाद से संघर्ष की प्रक्रिया को गति प्रदान की है और क़बायली क्षेत्रों और अफ़ग़ानिस्तान से मिलने वाली पूरी सीमा पर आतंकियों के ठिकानों की तबाही को प्राथमिकता दे रखी है।
मलीहा लोधी ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा की छठी समिति में कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद पिछले चालीस साल में पड़ोस के राजनैतिक व भूराजनैतिक परिवर्तनों और इसी तरह विदेशी हस्तक्षेप का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद सरकार ने इस मार्ग में अपने 27 हज़ार नागरिकों और सुरक्षा बलों को खोया है जबकि बहुत बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि आतंकवाद के कारण पाकिस्तान को अरबों डाॅलर का नुक़सान हुआ है लेकिन इसके बावजूद आतंकवादियों के ख़िलाफ़ सरकार की कार्यवाहियां बाधित नहीं हुई हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ में पाकिस्तान की दूत मलीहा लोधी ने कहा कि आतंकवाद से संघर्ष की प्रक्रिया में हमारी सफलता, पिछले दो साल में पूरे पाकिस्तान में आतंकवादियों की गतिविधियों में भारी कमी का कारण बनी है। उन्होंने कहा कि अब भी आतंकवाद हमारी सबसे बड़ी चुनौती है और हम निरंतर इससे जूझ रहे हैं। (HN)