अमेरिका ने आतंकवादियों के लिए हथियारों की भारी खेप भेजी
अमेरिका आतंकवादियों को अच्छे और बुरे में बांट कर विभिन्न देशों में राजनीति से प्रेरित अपनी नीतियों का औचित्य दर्शाने की चेष्टा में है।
सीरिया सेना ने घोषणा की है कि गत तीन महीनों के दौरान अमेरिका ने तथाकथित आंतकवाद से मुकाबले के नाम पर हथियारों की कम से कम 1421 खेपें आतंकवादी गुट दाइश और नुस्रा फ्रंट के लिए भेजी हैं।
हालिया वर्षों में भी विभिन्न रिपोर्टें प्रकाशित हुई हैं जो इस बात की सूचक हैं कि सीरिया में इस देश की सरकार के विरूद्ध लड़ने वाले विद्रोही गुटों ने अपने हथियारों और सैनिक संसाधनों को दाइश को दिया है।
सीरिया संकट का आधार विदेशी हस्तक्षेप, वित्तीय समर्थन, आतंकवादियों के लिए हथियारों का भेजा जाना और इसी प्रकार आतंकवादियों का सीरिया भेजा जाना है और इन समस्त विषयों में अमेरिका और उसके क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटक मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
सीरिया संकट के संबंध में अमेरिकी गतिविधियां इस बात की सूचक हैं कि सीरिया की सेना और सरकार को कमज़ोर करने और आतंकवादियों को मजबूत करने के अलावा वाशिंग्टन का कोई अन्य लक्ष्य नहीं है।
इस संबंध में अमेरिका आतंकवादियों को अच्छे और बुरे में बांट कर विभिन्न देशों में राजनीति से प्रेरित अपनी नीतियों का औचित्य दर्शाने की चेष्टा में है।
यह एसी स्थिति में है जब सीरिया में आतंकवादियों के अंत की प्रक्रिया में गति आ जाने से अमेरिकी अधिकारियों सहित आतंकवादियों के समर्थक चिंतित हो गये हैं और वे आतंकवादियों को मुक्ति दिलाने के प्रयास में लग गये।
अमेरिका ने सीरिया में आतंकवादी गुटों को मजबूत बनाने के लिए जो हथियार भेजे हैं उसे इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है और अंतरराष्ट्रीय मामलों के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जो विरोधाभासी नीतियां अपना रखी हैं उनके जारी रहने से सीरिया संकट सहित क्षेत्रीय संकट खतरनाक रूप धारण कर सकते हैं। MM