आतंकवाद के मुद्दे पर अमरीका ने दिए उपदेश
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अमरीका ने कहा है कि वह बर्दाश्त नहीं करेगा कि पाकिस्तान आतंकियों की सुरक्षित जन्नत बने।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov ०२, २०१७ ०६:१९ Asia/Kolkata
  • आतंकवाद के मुद्दे पर अमरीका ने दिए उपदेश

अमरीका ने कहा है कि वह बर्दाश्त नहीं करेगा कि पाकिस्तान आतंकियों की सुरक्षित जन्नत बने।

संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीका की राजदूत निक्की हेली ने भारत के साथ स्ट्रैटेजिक एलायंस बनाकर आतंकवाद के विरुद्ध लड़ने और भारत प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थरिता स्थापित करने की वकालत करते हुए कहा कि हम पाकिस्तान को आतंकियों का सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देंगे।

निक्की हेली इंडियन अमेरिकन फ़्रेन्डशिप काउंसिल की वार्षिक लेजिस्लेटिव कान्फ़्रेन्स में बोल रही थीं। उन्होंने न्यूयार्क में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अमरीका ने हाल ही में अफ़ग़ानिस्तान और दक्षिणी एशिया में आतंकवाद से निपटन के लिए अमेरिका ने नई रणनीति बनाई है।

हेली ने कहा कि अमेरिका का हित यह है कि अफ़ग़ानिस्तान और पूरे दक्षिणी एशिया में आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को ख़त्म करे और परमाणु हथियारों को आतंकियों के हाथ में पड़ने से बचाए। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अमरीका आर्थिक, कूटनैतिक और सैनिक सभी क्षमताओं का प्रयोग करेगा।

निक्की हेली ने कहा कि हम भारत से अपेक्षा रखते हैं कि वह अफ़ग़ानिस्तान में हमारी और मदद करे। उन्होंने कहा कि हम अलग अंदाज़ से पाकिस्तान के साथ भी सहयोग कर रहे हैं। लेकिन हम यह सहन नहीं करेंगे कि पाकिस्तान की सरकार या कोई भी सरकार आंकियों को शरण दे।

पिछले कुछ समय से पाकिस्तान और अमरीका के संबंधों में तनाव है जो धीरे धीरे बढ़ता ही जा रहा है और दोनों देशों के नेता एक दूसरे के ख़िलाफ़ कठोर भाषा का प्रयोग कर रहे हैं।

आतंकवाद उन विषयों में है जिन्हें अमेरिका अपनी सुविधा के अनुसार राजनैतिक स्वार्थों के लिए प्रयोग करता है जबकि आतंकवाद को बढ़ावा देने में ख़ुद अमरीका की प्रभावी भूमिका है और यह बात ख़ुद अमरीकी अधिकारी भी स्वीकार कर चुके हैं। इस संदर्भ में अमरीका की पूर्व विदेश मंत्री हिलैरी क्लिंटन का बयान महत्वपूर्ण है जबकि हाल ही में क़तर के पूर्व प्रधानमंत्री शैख़ हमद बिन जासिम ने अपने इंटरव्यू में कहा कि सीरिया में अमरीक, ब्रिटेन, सऊदी अरब और क़तर जैसे देशों ने मिलकर अन्नुस्रा जैसे आतंकी संगठनों की भरपूर मदद की थी।