सीरिया के बारे में मैक्रोन की पूतिन से गुज़ारिश
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पूतिन से टेलीफ़ोन पर बातचीत में उनसे पूर्वी ग़ूता इलाक़े के लिए मानवीय सहायता भेजने के लिए सीरियाई सरकार पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने की अपील की। पूर्वी ग़ूता सीरियाई सरकार के ख़िलाफ़ पिछले 6 साल से लड़ रहे तकफ़ीरी आतंकवादी गुटों का आख़िरी गढ़ है।
मैक्रोन की पूतिन से यह गुज़ारिश इसलिए अजीब लगती है क्योंकि रूस सितंबर 2015 में सीरियाई सरकार से लड़ने वाले आतंकवादी गुटों के ख़िलाफ़ दमिश्क़ की मदद के लिए मैदान में उतरा जबकि सीरिया में छह साल पहले शुरु हुयी अशांति के समय से पश्चिम आतंकवादी गुटों की मदद कर रहा है। मैक्रोन की इस गुज़ारिश का लक्ष्य पूर्वी ग़ूता में मानवीय सहायता के नाम पर आतंकवादी गुटों की लॉजिस्टिक मदद करना है।
ब्रिटेन और फ़्रांस ने 2011 में सीरिया संकट शुरु होने के आरंभ से ही आतंकवादी गुटों को हर तरह की मदद पहुंचायी ताकि बश्शार असद की सरकार को गिराकर क्षेत्र में प्रतिरोध के मुख्य मोर्चे सीरिया को ख़त्म करें और इस तरह हिज़्बुल्लाह को कमज़ोर कर दें। लेकिन अब सीरिया में शक्ति का संतुलन सीरियाई सरकार और उसके घटकों की ओर झुका हुआ है।
सीरियाई सरकार और उसके घटकों में ख़ास तौर पर रूस बारंबार इस बात पर बल दे रहा है कि सीरियाई व्यवस्था के लिए कोई तार्किक व वैध विकल्प मौजूद नहीं है और अगर तकफ़ीरी आतंकवादी गुट सफल हो जाएंगे तो सीरिया में इन गुटों के बीच सत्ता हथियाने के लिए व्यापक स्तर पर गृह युद्ध छिड़ जाएगा। इसलिए रूस पूर्वी ग़ूता में मौजूद आतंकवादी गुटों सहित सभी आतंकवादी गुटों से संघर्ष पर बल देता है और इन गुटों को पश्चिम की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन करने की नीति के ख़िलाफ़ है। (MAQ/T)