ईरान और हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ सैन्य कार्यवाही के ख़िलाफ़ हैं, सीसी
मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़त्ताह अस्सीसी ने इस बात पर बल देते हुए कि क्षेत्र बहुत ज़्यादा समस्याओं में फंसा हुआ है, कहा कि वह ईरान और लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के ख़िलाफ़ किसी भी प्रकार की सैन्य कार्यवाही के ख़िलाफ़ हैं।
समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, अब्दुल फ़त्ताह अस्सीसी ने कहा कि क्षेत्र के संकट को बातचीत के ज़रिए हल किया जा सकता है।
मिस्री राष्ट्रपति ने मंगलवार की रात बल दिया कि सऊदी अरब के अरब देशों से लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन पर पाबंदी लगाने के निवेदन के बावजूद वह हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ कार्यवाही के हक़ में नहीं हैं।
2011 में सीरिया संकट और 2015 में यमन संकट के अलावा जो सऊदी शासन के अतिक्रमण और रियाज़ समर्थित आतंकियों के इन देशों पर हमलों के साथ शुरु हुआ, हालिया दिनों में सऊदी-ज़ायोनी गठजोड़, क्षेत्र में नए संकट पैदा करने की कोशिश में है।
सऊदी शासन के अधिकारियों ने हालिया दिनों में धमकी देने के अलावा इस्लामी गणतंत्र ईरान को क्षेत्रीय देशों के मामलों में हस्तक्षेप करने और यमन को सैन्य उपकरणों से लैस करने का इल्ज़ाम लगाया है।
इसी प्रकार सऊदी अरब ने लेबनान के प्रधान मंत्री साद हरीरी के अपने पद से इस्तीफ़ा देने के एलान के बाद, उनके इस क़दम के पीछे हिज़्बुल्लाह की राजनीति को ज़िम्मेदार ठहराने की कोशिश की।
रियाज़ लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन का निरत्रीकरण और लेबनानी सरकार से उसे निकालना चाहता है।
इस समय ईरान और हिज़्बुल्लाह, क्षेत्र में ज़ायोनी-सऊदी गठजोड़ की साज़िशों से निपटने में निर्णायक रोल अदा कर रहे हैं। (MAQ/N)