सीरिया में चीन की सैन्य उपस्थिति का लक्ष्य
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चीन के रक्षा मंत्रालय ने एलान किया है कि वह सेना की दो टुकड़ियां सीरियाई सेना की मदद के लिए सीरिया भेज रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov ३०, २०१७ १२:२८ Asia/Kolkata

चीन के रक्षा मंत्रालय ने एलान किया है कि वह सेना की दो टुकड़ियां सीरियाई सेना की मदद के लिए सीरिया भेज रहा है।

सीरियाई सरकार ने 2015 में 5000 चीनी सैनिकों को अपने यहां आने की इजाज़त दी थी जो लाज़ेक़िया के पश्चिमी भाग में तैनात हुए।

इस बात के मद्देनज़र कि सीरिया पिछले कुछ साल में दाइश सहित आतंकवादी गुटों के ख़िलाफ़ लड़ रहा है, सीरिया में चीन की सैन्य उपस्थिति से लगता है कि बीजिंग सरकार दाइश सहित आतंकवादी गुटों को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा समझती है और सीरिया संकट को हल करने में मदद देना इस दृष्टि से बीजिंग सरकार के लिए गंभीर परीक्षा थी।

सीरिया संकट के कारण चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमरीका और उसके घटकों के कई प्रस्तावों को वीटो करके यह दर्शा दिया कि वह आतंकवाद के विस्तार और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने ख़तरे के संबंध में किसी से कोई समझौता नहीं करेगा। चीन अच्छी तरह समझता है कि दाइश सहित आतंकवादी गुट हिंसा व संकट के विस्तार तथा घुसपैठ करने के लिए अमरीका के हथकंडे हैं इसलिए चीन की प्राथमिकता सीरिया में दाइश को हमेशा के लिए ख़त्म करना है।

प्रत्येक दशा में चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी की 19वीं महासभा में यह फ़ैसला लिया गया कि चीन क्षेत्र और अंतर्राष्ट्रीय हालात में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने में अपनी वैश्विक स्थिति को मज़बूत करे और चीनी राष्ट्रपति शी जीन पिग ने भी यह दर्शा दिया कि वह चीन को रक्षात्मक कवच से बाहर निकलाना चाहते हैं। जीबूती की सैन्य छावनी में सक्रिय मौजूदगी और सीरिया में अधिक संख्या में सैनिकों को भेजना इसी दृष्टि से समीक्षा योग्य है। (MAQ/T)