बीजींग आतंकवाद से मुकाबले में अफ़ग़ानिस्तान की सहायता करेगाः चीनी रक्षामंत्री
चीन के रक्षामंत्री चांग वान च्वान ने काबुल में अपने अफ़ग़ान समकक्ष से भेंटवार्ता की है
इस भेंट में उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवाद से मुकाबले और सैनिक सहकारिता में विस्तार हेतु बीजींग की तत्परता की सूचना घोषणा की और अफ़ग़ानिस्तान के विदेशमंत्री ने चीनी घोषणा का स्वागत किया।
वर्ष 2001 के बाद और अफ़ग़ानिस्तान से तालेबान की सरकार का अंत हो जाने के पश्चात चीन ने अफ़ग़ानिस्तान के आर्थिक क्षेत्रों विशेषकर खदान के क्षेत्र में पूंजी निवेश किया है।
बीजींग सरकार को यह ज्ञात है कि अफ़ग़ानिस्तान में अशांति व हिंसा जारी है जिससे उसके पूंजी निवेश को खतरा है इसीलिए उसने पिछले कुछ वर्षों के दौरान अफ़ग़ानिस्तान में शांति व सुरक्षा स्थापित कराने का प्रयास किया है और इसके लिए उसने तालेबान के प्रतिनिधियों से भी भेंटवार्ता के अलावा इस गुट और अफ़ग़ान सरकार के मध्य मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रयास किया है।
अफ़ग़ान संकट के समाधान के लिए अफ़ग़ानिस्तान, रूस और पाकिस्तान के मध्य जो बैठक हुई थी उसमें चीन ने भाग लिया था और उसके इस भाग लेने को अफ़ग़ानिस्तान में शांति व सुरक्षा स्थापित कराने की दिशा में देखा जा रहा है।
अफ़ग़ान मामलों के विशेषज्ञ दाऊद मुरादियान कहते हैं" चूंकि अफ़ग़ानिस्तान के साथ भी चीन की संयुक्त सीमा है इस बात के दृष्टिगत अफ़ग़ानिस्तान के समीकरण में चीन की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है और अपेक्षा है कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति व सुरक्षा स्थापित कराने में चीन महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।
बहरहाल अफ़ग़ानिस्तान के संबंध में चीन के क्रिया- कलापों ने दर्शा दिया है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में अपनी गतिविधियों का दायरा राजनीतिक प्रयास से आगे नहीं बढ़ाना चाहता क्योंकि वह अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका की सैनिक उपस्थिति से टकराव हो जाने की स्थिति से चिंतित है और चीन की सैद्धांतिक नीति भी अमेरिका और यूरोप से हर प्रकार के टकराव की नीति से बचना है।
बहरहाल चीन के रक्षामंत्री की अफ़ग़ान यात्रा इस बात की सूचक है कि बीजींग अफ़ग़ानिस्तान में शांति व सुरक्षा स्थापित कराने के माध्यम से अपने आर्थिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के प्रयास में है। MM