दुनिया को अमेरिका का हाथ काटना होगाः रूस
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रूसी सीनेट की अंतर्राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष ने वॉशिंग्टन द्वार विश्व भर के देशों विशेषकर ईरान के आंतरिक मामलों में हस्ताक्षेप पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि दुनिया को चाहिए कि वह अमेरिका के हाथ काट दे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ०५, २०१८ १७:०९ Asia/Kolkata
  • दुनिया को अमेरिका का हाथ काटना होगाः रूस

रूसी सीनेट की अंतर्राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष ने वॉशिंग्टन द्वार विश्व भर के देशों विशेषकर ईरान के आंतरिक मामलों में हस्ताक्षेप पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि दुनिया को चाहिए कि वह अमेरिका के हाथ काट दे।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार रूसी सीनेट की इंटरनेशनल कमेटी के अध्यक्ष कॉन्स्टेंटिन कोशेवोव ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा हाल ही में ईरान में उप्रदव करने वालों को सम्मानित करने की घोषणा बहुत ही निचले स्तर की राजनीति है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के इस शर्मनाक एलान पर संयुक्त राष्ट्र संघ को संज्ञान लेकर उनके विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए।

कॉन्स्टेंटिन कोशेवोव ने कहा कि  रूस, ईरान के आंतरिक मामलों में अमेरिकी अधिकारियों के शर्मनाक हस्ताक्षेप और इस देश में उप्रदव करने वालों को उकसाने और उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की कड़े शब्दों में निंदा करता है।

दूसरी तरफ, एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने एक बहुत ही भड़काऊ बयान में कहा है कि ईरान के सुरक्षाबलों के मुक़ाबले में खड़े उप्रदवियों को हथियारों और विस्फोट पथार्दों से लैस करना अमेरिकी एजेंसियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।  अमेरिका के पूर्व उपविदेश मंत्री स्टीवर्ट बेकर ने “लॉ आफ़ेयर” नामक वेबसाइट पर लिखा है कि अब समय आ गया है कि ईरान में लोगों को हथियारों और विस्फोटकों से लैस किया जाए।

यह ऐसी स्थिति में है कि यूरोपीय संघ की विदेशी मामलों संबंधी परिषद की विश्लेषक ऐली ग्रेमेनिया ने कहा है कि अमेरिका, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की इच्छाओं के विपरीत, ईरान के भीतर अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। ऐली ग्रेमेनिया ने कहा कि रूस और यूरोपीय संघ, हाल में ईरान में हुए उप्रदव के बारे में अमेरिका की नीतियों के विरुद्ध वैश्विक दृष्टिकोण के समर्थक हैं। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि कोई भी देश ईरान के आंतरिक मामलों में हस्ताक्षेप करे।

ग्रेमेनिया ने कहा कि अमेरिका इस बात से अप्रसन्न है कि यूरोप, ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका के दृष्टिकोण का समर्थन नहीं करता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेन्स, संयुक्त राष्ट्र संघ और युरोपीय देशों से यह अपील कर चुके हैं कि वे भी वॉशिंग्टन के साथ मिलकर ईरान की निंदा करें। (RZ)