दाइश के सरग़नाओं में अमरीकी भी!
ताज़ा जांच में इस हक़ीक़त से पर्दा उठा है कि अमरीकी नागरिक तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश के मुख्य सरग़नाओं में हैं।
एटलान्टिक मैग्ज़ीन ने एक लेख में लिखा, "ज़ुल्फ़ी होक्स" दाइश में उच्च पदस्थ अमरीकी सरग़ना है जो इंटरनेट पर सोशल साइटों के ज़रिए दाइश के एक और तत्व डेविड राइट के साथ संपर्क में था।
डेविड राइट को उसकी अनुपस्थिति में दिसंबर 2017 में दाइश के साथ सहयोग के जुर्म में 28 साल क़ैद की सज़ा सुनायी गयी।
राइट के मामले की जांच के दौरान अदालत को ज़ुल्फ़ी होक्स के साथ राइट के संबंध और दाइश में होक्स की स्थिति के बारे में पता चला।
संघीय अधिकारियों का कहना है कि ज़ुल्फ़ी होक्स इस समय दाइश के सरग़नाओं में है लेकिन इस बारे में उन्हें सटीक जानकारी नहीं है कि वह इस समय कहां छिपा हुआ है।
एटलान्टिक मैग्ज़ीन के लेख में आया है, जो अमरीकी दाइश में सरग़ना के स्तर तक पहुंचे हैं वे अपने संपर्क व प्रभाव को इस गुट के लिए रंगरूट भर्ती करने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
इस रिपोर्ट में आया है कि इराक़ और सीरिया में दाइश के ठिकानों के ध्वस्त होने के बाद इस गुट के आतंकियों में ख़ास तौर पर अमरीकी आतंकी इस कोशिश में हैं कि तुर्की में छिप कर आगे के आतंकवादी हमलों की योजना बनाएं।
दाइश के आतंकियों की ओर से जारी हुयी वीडियो क्लिपों में अमरीकी आतंकियों के मौजूद होने के बावजूद अमरीकी पुलिस ने ना के बराबर इन लोगों की पहचान के बारे में कुछ कहा।
इसी तरह अमरीकी सरकार ने भी इस देश के आतंकियों की दाइश में मौजूदगी और इस गुट में उनके स्थान के बारे में ना के बराबर बयान जारी किया है।
रिपोर्टें दर्शाती हैं कि अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेन्टगॉन का इराक़ और सीरिया में दाइश को हथियारों से लैस करने व ट्रेनिंग देने में बड़ा क्रूर रोल रहा है।
रूस के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ जनरल वॉलेरी ग्रासीमोफ़ ने इससे पहले सचेत किया था कि पेन्टगॉन सीरिया में दाइश के पूर्व तत्वों को ट्रेनिंग दे रहा है।
राजनैतिक चरमपंथ व हिंसा की समीक्षा करने वाले अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र आईसीएसआर ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दाइश के संगठनात्मक वजूद में पश्चिमी देशों का बहुत बड़ा रोल है।
अमरीका के अलावा जर्मनी और फ़्रांस भी उन देशों में हैं जिनके नागरिक सबसे ज़्यादा दाइश के आतंकी हैं।
अमरीका और उसकी समर्थक पश्चिमी सरकारें ऐसी हालत में दाइश में मौजूद अपने नागरिकों की स्वदेश वापसी की ओर से चिंता जता रही हैं कि हालिया वर्षों में ये सरकारें ही सीरिया और इराक़ में दाइश की मुख्य समर्थक रही हैं। (MAQ/N)