उत्तरी कोरिया के नेता की चीन यात्रा
https://parstoday.ir/hi/news/world-i60084-उत्तरी_कोरिया_के_नेता_की_चीन_यात्रा
उत्तरी कोरिया के नेता " किम जोंग उन" चीन के राष्ट्रपति " शी जिन पिंग " से बीजिंग में मुलाक़ात की और इस भेंट में उत्तरी कोरिया के नेता ने अमरीकी नेताओं के साथ संयुक्त बैठक के आयोजन पर सहमति भी प्रकट की।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar २८, २०१८ १२:०७ Asia/Kolkata

उत्तरी कोरिया के नेता " किम जोंग उन" चीन के राष्ट्रपति " शी जिन पिंग " से बीजिंग में मुलाक़ात की और इस भेंट में उत्तरी कोरिया के नेता ने अमरीकी नेताओं के साथ संयुक्त बैठक के आयोजन पर सहमति भी प्रकट की।

" किम जोंग उन" ने इसी प्रकार चीनी राष्ट्रपति को विश्वास दिलाया कि वह कोरिया प्रायद्वीप में शांति स्थापना पर कटिबद्ध हैं लेकिन उन्होंने इस क्षेत्र के संकट के समाधान को, अमरीका और दक्षिण कोरिया की गतिविधियों पर निर्भर बताया और कहा कि अगर वाशिंग्टन और सियोल के नेता, सदभावना का प्रदर्शन करें तो उनसे बात चीत की जा  सकती है। 

 मई 2018 में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भेंट से पहले  उत्तरी कोरिया के नेता की चीन यात्रा  अत्याधिक महत्वपूर्ण समझी जा रही है। 

दक्षिणी कोरिया में विन्टर ओलंपिक से पहले जो प्रक्रिया आरंभ हुई थी वह काफी आगे तक गयी और इस दौरान उत्तर और दक्षिण कोरिया के मध्य होने वाली वार्ताओं की वजह से अब शांति की उम्मीद बढ़ गयी है। 

चीन उत्तर और दक्षिण कोरिया के संबंधों में बेहतरी को, इस क्षेत्र में अमरीका की उपस्थिति में कमी की भूमिका के रूप में देखता है और इसके साथ ही चीन को यह लगता है कि अगर " किम जोंग उन" और " डोनाल्ड ट्रम्प " के मध्य वार्ता सफल रही तो यह चीन के दीर्घकालिक हितों के लिए बहुत अच्छा होगा लेकिन स्पष्ट सी बात है कि जिस तरह से अमरीका विभिन्न क्षेत्रों में, इलाक़े के देशों को एक दूसरे से भिड़ा कर अपने हित साधता है उसके दृष्टिगत इस देश से बहुत आशा नहीं रखी जा सकती। 

उत्तरी काोरिया के मामलों के जानकार " किलो शांग" का कहना है कि अमरीकी राष्ट्रपति की नीतियां भटकाने वाली हैं और बेहद खतरनाक भी, क्योंकि उनकी नीतियों से परमाणु युद्ध छिड़ सकता है इस लिए सूझ बूझ से काम लेना चाहिए। (Q.A.)