रूसी कूटनयिकों का निष्कासन, शीत युद्ध की याद दिलाता हैः संरा
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संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कुछ देशों से रूसी कूटनयिकों के निष्कासन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति शीत युद्ध की याद दिलाती है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar २९, २०१८ २०:०९ Asia/Kolkata
  • रूसी कूटनयिकों का निष्कासन, शीत युद्ध की याद दिलाता हैः संरा

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कुछ देशों से रूसी कूटनयिकों के निष्कासन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति शीत युद्ध की याद दिलाती है।

पिछले महीने लंदन में रूसी मूल के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रीपाल पर ज़हरीले पदार्थ से हमले की घटना के बाद से रूस और ब्रिटेन के संबंध ख़राब हो गये हैं

सोमवार को अमरीका ने 60 रूसी कूटनयिकों को निकालने का एलान किया जिनमें 12 संयुक्त राष्ट्र संघ में रूसी कार्यालय के कर्मचारी हैं। योरोपीय संघ के 17 देशों ने कैनडा, ऑस्ट्रेलिया और युक्रेन के साथ लंदन के समर्थन में रूस के कुछ कूटनयिकों को निकाल दिया। कुल मिलाकर अब तक निकाले गए रूसी कूटनयिकों की संख्या 150 से अधिक हो गयी है। ब्रिटेन ने बिना सुबूत के कुछ दिन पहले रूस के 23 कूटनयिकों को निकाल दिया था।

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कुछ देशों से रूसी कूटनयिकों का निकाला जाना, तनाव को और बढ़ा सकता है।

उन्होंने इसी प्रकार उत्तरी कोरिया और दक्षिणी कोरिया के प्रमुखों से अपनी आगामी मुलाक़ात के बारे में कहा कि कोरिया प्रायद्वीप के मुद्दे के हल के लिए वार्ताओं का क्रम जारी रहना ज़रूरी है। उन्होंने उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग उन की चीन की यात्रा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कोरिया प्रायद्वीप के विवाद के हल में चीन की मुख्य भूमिका है।

ज्ञात रहे कि उत्तरी कोरिया के नेता " किम जोंग उन" ने सत्ता में पहुंचने के बाद पहली बार बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति " शी जिन पिंग " से बीजिंग में मुलाक़ात की और इस भेंट में उत्तरी कोरिया के नेता ने अमरीकी नेताओं के साथ संयुक्त बैठक के आयोजन पर सहमति भी प्रकट की।

"किम जोंग उन" ने इसी प्रकार चीनी राष्ट्रपति को विश्वास दिलाया कि वह कोरिया प्रायद्वीप में शांति स्थापना पर कटिबद्ध हैं लेकिन उन्होंने इस क्षेत्र के संकट के समाधान को, अमरीका और दक्षिण कोरिया की गतिविधियों पर निर्भर बताया और कहा कि अगर वाशिंग्टन और सियोल के नेता, सदभावना का प्रदर्शन करें तो उनसे बात चीत की जा  सकती है। 

 मई 2018 में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भेंट से पहले  उत्तरी कोरिया के नेता की चीन यात्रा  अत्याधिक महत्वपूर्ण समझी जा रही है। (AK)