अमरीका के नए प्रतिबंधों पर रूस की प्रतिक्रिया
रूसी विदेश मंत्रालय ने अमरीका की ओर से रूस पर लगाए जाने वाले नए प्रतिबंधों के जवाब में एक बयान जारी करके कहा है कि वह इन प्रतिबंधों का और भविष्य में भी रूस के ख़िलाफ़ उठाए जाने वाले क़दमों का कड़ा जवाब देगा। बयान में कहा गया है कि इस प्रकार के दबाव से माॅस्को की नीतियों में कोई बदलाव नहीं आएगा और वाॅशिंग्टन केवल अपने ही आर्थिक हितों को नुक़सान पहुंचाएगा।
अमरीका के वित्त मंत्रालय ने रूस की ओर से पश्चिमी लोकतंत्र से दुश्मनी के नाम पर इस देश के 24 लोगों और 12 कंपनियों को प्रतिबंधित कर दिया है। अमरीका ने रूस के राष्ट्रपति विलादिमिर पुतिन के 7 क़रीबी व्यापारियों और 17 वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और 12 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है। अमरीका की ओर से रूस पर लगाए जाने वाले नए प्रतिबंधों से पता चलता है कि वाॅशिंग्टन, विभिन्न बहानों से माॅस्को के ख़िलाफ़ दबाव जारी रखना चाहता है।
ब्रिटेन में रूस के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रीपल पर रासायनिक हमले के मामले में रूस और पश्चिम के बीच जारी तनाव ने वाॅशिंग्टन को रूस के ख़िलाफ़ अधिक प्रतिबंध लगाने का अवसर दे दिया है। रूस को आशा थी कि डोनल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद अमरीका से उसके संबंध बेहतर होंगे लेकिन हुआ इसके बिलकुल विपरीत। प्रमाण इस बात के साक्षी हैं कि ट्रम्प सरकार अमरीकी कांग्रेस के समन्वय से माॅस्को पर दबाव बढ़ाना चाहती है। अलबत्ता माॅस्को का मानना है कि रूस पर प्रतिबंध सफल नीति नहीं रही है। अमरीका की ओर से रूस पर दबाव बढ़ाने की नीति जारी रहने के बावजूद रूस ने न सिर्फ़ यह कि वाॅशिंग्टन की शत्रुतापूर्ण नीतियों के डट कर मुक़ाबला किया है बल्कि जवाबी कार्यवाही भी की है। इसी के साथ उसने अप्रतिबंधों को अवसर में बदलने की कोशिश भी की है। (HN)